स्मृति आदित्य

निश्चित रूप से विराट उस मुकाम तक पहुँच चुके हैं जहाँ किसी रचना के जिक्र भर से उनकी स्मृति ताजा हो जाए। इन दोहों में जीवन...
बचपन आज भी भोला और भावुक ही होता है लेकिन हम उन पर ऐसे-ऐसे तनाव और दबाव का बोझ डाल रहे हैं कि वे कुम्हला रहे हैं। उनकी खनकती-खिलखिलाती...
क्यों ना इस बार अपने दीपक आप बन जाएँ। 'देह' के दीप में 'आत्मा' की बाती को 'आशा' की तीली से रोशन करें। ताकि महक उठें खुशियों...
MeToo मीटू तूफान के निरंतर बढ़ने से कई लोगों की जान सांसत में है। अचानक जैसे किसी ने उनके पैरों के नीचे से कालीन खींच लिया......
#Metoo अभियान के बाद अचानक से ऐसा लगने लगा है कि दुनिया के सारे पुरुष लंपट हो गए हैं और तमाम सारी औरतें.. सीधी, सच्ची और शालीन.......
डॉ. पद्मेश गुप्त 2007 से ऑक्सफ़ोर्ड में ऑक्सफ़ोर्ड बिजनेस कॉलेज के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।आप हिन्दी भाषा के विकास...
सबरीमाला के द्वार अब महिलाओं के लिए भी खुले हैं। एक ठंडी बयार ने दस्तक दी तो याद आया कि यह शीतल फुहार पहले भी एक मंदिर...
धारा 497 के मद्देनजर आइए कुछ बातें साझा करें। छल, फरेब, धोखा जैसे शब्द आज भी उतनी ही नकारात्मक ध्वनि देते हैं जितनी कल देते...
श्री गणेश प्रतिमा को उसी तरह बिदा किया जाना चाहिए जैसे हमारे घर का सबसे प्रिय व्यक्ति जब यात्रा पर निकले तब हम उनके साथ...
हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ है। भारत के राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी...
हिन्दी दिवस आजकल हमारे देश में एक औपचारिकता मात्र रह गया है लेकिन आज भी कुछ संस्थानों में हिन्दी पखवाड़ा, हिन्दी सप्ताह...
हिन्दुस्तान में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली मैं, मातृभाषा हूं। आप सभी से कुछ कहना चाहती हूं, मुझे पढ़ने और सुनने से पहले,...
इस साल गणेश चतुर्थी का शुभ पर्व 13 सितंबर 2018 से शुरू होकर 23 सितंबर 2018 तक चलेगा। श्री गणेश, गजानन, विनायक, लंबोदर, वक्रतुंड...
आप मेरे सुयोग्य सुशील विद्यार्थी हैं, मेरे शिक्षिका होने की सबसे अहम वजह। यदि प्रथम व्याख्‍यान में आपने धैर्य, अनुशासन...
यह त्योहार तभी सही मायनों में खूबसूरत होगा जब बहन का सम्मान और भाई का चरित्र दोनों कायम रहे। यह रेशमी धागा सिर्फ धागा...
इस मोहक मनभावन त्योहार पर इस बार बांधें कुछ ऐसी राखियों को जो हर भाई-बहन के जीवन जीने का अंदाज बदल दें: यह राखी है प्यार,...
शब्दों को एकत्र किया, सजाया, संजोया और जब लिखने बैठी तो फिर सब बिखर गए, मन टूट गया कि अटल जी चले गए... बार-बार की कोशिश के...
क बार मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को एक अत्यंत तेजोमय 'चिंतामणि' प्रदान की। चंद्रसेन ने इसे गले में धारण किया तो उसका प्रभामंडल...
दोस्ती एक ऐसा आकाश है जिसमें प्यार का चंद्र मुस्कुराता है, रिश्तों की गर्माहट का सूर्य जगमगाता है और खुशियों के नटखट...
वे स्वयं आजीवन जमीन से जुड़े रहे और अपने पात्रों का चयन भी हमेशा परिवेश के अनुसार ही किया। उनके द्वारा रचित पात्र होरी...
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