Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

अमेरिका ने पिछले वर्ष 1.40 लाख भारतीय छात्रों को जारी किए वीजा

हमें फॉलो करें अमेरिका ने पिछले वर्ष 1.40 लाख भारतीय छात्रों को जारी किए वीजा
वॉशिंगटन , बुधवार, 29 नवंबर 2023 (12:29 IST)
Visa: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) के प्रशासन ने भारत के लोगों के साथ संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष 1,40,000 से अधिक भारतीय छात्रों को वीजा (visa) जारी किए हैं। साथ ही अमेरिकी प्रशासन वीजा के वास्ते साक्षात्कार के लिए प्रतीक्षा अवधि को कम करने के लिए कई कदम उठा रहा है।
 
वीजा सेवाओं के लिए उप सहायक विदेश मंत्री जूली स्टफ्ट ने एक साक्षात्कार में कहा कि भारत में अमेरिकी मिशन ने यह सुनिश्चित करने के लिए सप्ताह में 6-7 दिन काम किया कि छात्रों की कक्षाएं शुरू होने से पहले उनका साक्षात्कार ले लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अमेरिका ने भारत से आ रही मांगों को पूरा करने के लिए भारी प्रयास किया।
 
स्टफ्ट ने कहा कि हमने इस वर्ष भारत में जो किया, उससे हम वास्तव में गौरवान्वित हैं। मेरा मानना है कि इतिहास में पहली बार हमने भारत में 10 लाख वीजा जारी करने का लक्ष्य रखा और न केवल हमने इसे पूरा किया बल्कि यह काम कई महीने पहले ही कर लिया गया। इस प्रकार संख्या इससे कहीं आगे जाएगी।
 
उन्होंने कहा कि भारत से इस वर्ष अमेरिका आने के लिए कामगारों, चालक दल के सदस्यों तथा छात्रों के आवेदन की रिकॉर्ड संख्या है। अमेरिका वीजा के वास्ते साक्षात्कार के लिए प्रतीक्षा अवधि को कम करने के लिए कई कदम उठा रहा है और मुझे उम्मीद है कि इस वर्ष इसमें कमी आएगी यानी हमारे इस वित्त वर्ष में। लेकिन हम प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों को भारत भेज रहे हैं।
 
'फॉरेन प्रेस सेंटर' द्वारा आयोजित विदेशी पत्रकारों के एक समूह के साथ बातचीत के दौरान स्टफ्ट ने कहा कि अमेरिका ने 2023 में अब तक 1 करोड़ से अधिक वीजा जारी किए हैं, जो कि उसके अनुमान से 20 लाख अधिक हैं और यह उसके विदेशी मिशनों के लिए अब तक की सर्वाधिक वीजा संख्या है। स्टफ्ट ने कहा कि 2024 के लिए प्रतीक्षा अवधि को कम करने के उद्देश्य से अमेरिका अब भी बहुत मेहनत कर रहा है।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

कौन हैं भाजपा नेता टी राजा सिंह, जिन्हें नहीं चाहिए मुसलमानों के वोट