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गुरु का पुनर्वसु नक्षत्र में व्रक्री प्रवेश, 5 राशियों के अच्छे दिन शुरू, 18 जून तक निपटा लें काम

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हमें फॉलो करें गुरु का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर 2026

WD Feature Desk

, शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 (12:13 IST)
Guru ka punarvasu nakshatra me gochar: 13 अगस्त 2025 से ही गुरु इसी नक्षत्र में हैं लेकिन आज 30 जनवरी को गुरु (बृहस्पति) वक्री अवस्था में पुनर्वसु नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश कर रहे हैं। पुनर्वसु गुरु का अपना ही नक्षत्र है, इसलिए यहाँ गुरु का प्रभाव बहुत ही सौम्य और कल्याणकारी हो जाता है। इस नक्षत्र में गुरु देव 18 जून 2026 तक रहेंगे। 5 राशियों के लिए यह समय पुरानी अधूरी योजनाओं को फिर से शुरू करने और आध्यात्मिक विकास के लिए बेहतरीन है। गुरु के इस नक्षत्र परिवर्तन से मुख्य रूप से इन राशियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
 

1. मेष राशि (Aries)

नक्षत्र प्रभाव: मेष राशि के जातकों के लिए गुरु तीसरे भाव में स्थित हैं और पुनर्वसु में आने से पराक्रम बढ़ाएंगे। ये लोग जो भी सोच रहे हैं उसको 18 जून के पहले पूर्ण कर लेंगे तो आगे और भी ज्यादा फायदा होगा।
लाभ: छोटे भाई-बहनों से संबंध सुधरेंगे। संचार, लेखन और मीडिया से जुड़े लोगों को कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। आपकी कार्यक्षमता और साहस में वृद्धि होगी, जिससे कार्यक्षेत्र में आपकी प्रशंसा होगी।
 

2. मिथुन राशि (Gemini)

नक्षत्र प्रभाव: गुरु आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं और अब अपने नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। आपको 18 जून तक अपने सभी अटके मामलों को पूर्ण करना चाहिए।
लाभ: आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी।
 

3. तुला राशि (Libra)

नक्षत्र प्रभाव: तुला राशि वालों के लिए गुरु का यह गोचर भाग्य स्थान (नौवें भाव) को प्रभावित करेगा। आपको भाग्य का साथ मिलेगा लेकिन पराक्रम करके आप भी 18 जून तक अपने सभी कार्यों को या जो भी सोच रखा है उसे पूर्ण कर लें।
लाभ: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यदि आप उच्च शिक्षा या विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह समय अति उत्तम है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और पिता या गुरुजनों से आर्थिक सहयोग प्राप्त हो सकता है।
 

4. धनु राशि (Sagittarius)

नत्रक्ष प्रभाव: धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु हैं, इसलिए गुरु का बलवान होना आपके लिए हमेशा शुभ होता है। हालांकि आपको वर्तमान में गुरुदेव 18 जून तक शनि के प्रभाव से एक बड़ी राहत दे रहे हैं इसलिए इस समय का लाभ उठाएं।
लाभ: साझेदारी (Partnership) के कामों में जबरदस्त फायदा होगा। व्यापार में विस्तार के नए रास्ते खुलेंगे। अविवाहितों के लिए विवाह के योग बन सकते हैं।
 

5. कुंभ राशि (Aquarius)

नक्षत्र प्रभाव: गुरु आपकी राशि से पंचम भाव (विद्या और संतान) में गोचर करते हुए अपने नक्षत्र में आए हैं। इसलिए आपको भी शनि के प्रभाव से राहत मिलेगी। आप अपने रिश्ते और कार्यों को रिजनरेट करें।
लाभ: छात्रों के लिए यह समय वरदान की तरह है। शिक्षा और करियर में बड़ी सफलता मिल सकती है। प्रेम संबंधों के लिए भी यह समय सकारात्मक है। निवेश (Investment) से लाभ होने के प्रबल योग हैं।
 
पुनर्वसु नक्षत्र का विशेष प्रभाव: 'पुनर्वसु' का अर्थ है 'फिर से बसना' या 'नई रोशनी'। इसलिए यह नक्षत्र परिवर्तन उन सभी लोगों के लिए शुभ है जो पुराने काम फिर से शुरू करना चाहते हैं या जिन्हें हाल ही में नुकसान उठाना पड़ा है। यह समय "बाउंस बैक" करने का है।
 
सावधानी: चूंकि गुरु वक्री हैं, इसलिए लाभ धीरे-धीरे मिलेंगे, लेकिन वे स्थायी होंगे। जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य से और सोच समझकर काम लेना बेहतर रहेगा। लेकिन इतना भी धीरे नहीं करना है कि 18 जून निकल जाए और आप सोचते ही रहें। 

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