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मई-जून में शुरू होगा विनाशकारी खप्पर योग, पिछले साल इस योग में हुआ था भारत-पाक युद्ध

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khappar yog 2026
पिछले साल यानी वर्ष 2025 में 15 मार्च से 11 जून और इसके बाद 11 जुलाई से लेकर 7 अक्टूबर तक खप्पर योग बना था। सभी ने देखा है कि इसी दौरान ईरान-इजराल का युद्ध और फिर भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ था। इस वर्ष भी ऐसा ही योग 1 मई से 29 जून के बीच बन रहा है। इसी दौरान अधिकमास भी रहेगा और अन्य कई अशुभ योगों का निर्माण भी होगा।
 

खप्पर योग की 2 स्थितियां:

1. ज्योतिष शास्त्र में 'खप्पर योग' एक अत्यंत दुर्लभ और विनाशकारी योग माना जाता है। यह तब बनता है जब एक ही राशि में मंगल, शनि, सूर्य और राहु जैसे क्रूर या पापी ग्रह एक साथ आ जाते हैं, या फिर ग्रहों का ऐसा प्रतिकूल संयोग बने कि चारों दिशाओं से नकारात्मक प्रभाव पड़े। वर्तमान में मीन में यह योग बना है।
 
2. जब एक ही माह में खास कर सावन के पहले पांच मंगलवार हों, या किसी भी माह में पांच रविवार, शनिवार और मंगलवार का संयोग बने तब खप्पर योग माना जाएगा। मई और जून के मध्य यह योग रहेगा।

3. अमावस्या के साथ जब संक्रांति लगती है तो यह खप्पर योग का निर्माण करती है। 15 जून 2026 सोमवार को सोमवती अमावस्या के साथ ही मिथुन संक्रांति रहेगी।
 

वर्ष 2026 में कब रहेगा खप्पर योग:

मई जून: मई और जून के मध्य में रहेगा खप्पर योग।
पांच वार: इस दौरान ज्येष्ठ माह में पांच शुक्रवार, पांच शनिवार और पांच सोमवार रहेंगे।
दिनांक: 1 मई से 29 जून के बीच रहेगा खप्पर योग। इसमें पांच शनिवार का योग बन रहा है।
 

खप्पर योग से क्या होता है?

इसे आमतौर पर 'अशुभ योग', 'विस्फोटक योग', या 'संकट योग' के रूप में भी समझा जाता है, जो भीषण युद्ध, आगजनी, भीषण जनहानि, भूकंप, नरसंहार या तेल/गैस की कीमतों में तेजी जैसी स्थितियों को जन्म देता है। माता काली के हाथों में आपने खप्पर देखा ही होगा। इस खप्पर में खून भरकर माता इसे पीती है। 
 
ज्योतिषियों के अनुसार 11 मई से लेकर दिसंबर का समय विचित्र हो सकता है, जिसमें होने वाली घटनाओं से दुनिया को हैरानी हो सकती है। इसमें प्राकृतिक आपदाओं, महामारी, युद्ध और दंगों के कारण देश को बड़ी आर्थिक और जनहानि का सामना करना पड़ सकता है। इस खप्पर योग ने देश ही नहीं दुनिया में भी तबाही मचा रखी है। 

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