Conjunction of Rahu and Mercury: आज यानी 3 फरवरी 2026 की रात से कुंभ राशि में बुध और राहु की युति होने जा रही है। ज्योतिष में बुध को 'बुद्धि' और राहु को 'भ्रम' या 'माया' का कारक माना जाता है। इन दोनों का साथ आना 'जड़त्व योग' बनाता है, जो निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है। इस युति का विशेष रूप से 4 राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
1. कर्क राशि (Cancer)
बुध और राहु की युति आपके अष्टम भाव (आयु और संकट) में होगी।
प्रभाव: अचानक धन हानि या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी (विशेषकर त्वचा या पेट) हो सकती है। गुप्त शत्रुओं से खतरा बढ़ सकता है।
सावधानी: वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और अनैतिक कार्यों से दूर रहें।
2. सिंह राशि (Leo)
यह युति आपके सप्तम भाव (साझेदारी और वैवाहिक जीवन) में बन रही है।
प्रभाव: जीवनसाथी के साथ गलतफहमी के कारण विवाद हो सकता है। बिजनेस पार्टनर के साथ रिश्तों में दरार आने की संभावना है।
सावधानी: बातचीत के दौरान स्पष्टता रखें और किसी भी तीसरे व्यक्ति की बातों में न आएं।
3. वृश्चिक राशि (Scorpio)
यह युति आपके चतुर्थ भाव (सुख और माता) में बन रही है।
प्रभाव: पारिवारिक कलह और घर की सुख-शांति में कमी आ सकती है। प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े विवाद सामने आ सकते हैं।
सावधानी: अपनी माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और घर में शांति बनाए रखने की कोशिश करें।
4. कुंभ राशि (Aquarius)
यह युति आपकी ही राशि के प्रथम भाव (लग्न) में हो रही है। हालांकि यह युति करियर के लिए ठीक मानी जा रही है।
प्रभाव: मानसिक भ्रम, तनाव और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। आप गलत निर्णय ले सकते हैं जिसका पछतावा भविष्य में होगा।
सावधानी: अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और किसी भी बड़े निवेश से अभी बचें।
बुरे प्रभाव से बचने के उपाय:
बुध का उपाय: बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
राहु का उपाय: पक्षियों को सात प्रकार का अनाज (सप्तधान्य) डालें।
गणेश पूजा: भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और "ॐ गं गणपतये नमः" का जाप करें, इससे बुद्धि भ्रमित नहीं होगी।
महामृत्युंजय मंत्र: प्रतिदिन 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप मानसिक शांति देगा।