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शनि की साढ़ेसाती का 3 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव, 2 राशियों पर ढैय्या का क्या होगा असर?

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हमें फॉलो करें shani sade sati effect, कौवे पर विराजमाद शनि देव

WD Feature Desk

, मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 (16:15 IST)
ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, शनि जिस राशि में होते हैं, उससे एक घर पहले और एक घर बाद वाली राशि पर साढ़ेसाती रहती है। वहीं, शनि से चतुर्थ और अष्टम स्थान वाली राशियों पर ढैय्या का प्रभाव होता है।  चलिए जानते हैं कि किन अन्य राशियों पर शनि की ढैया और साढ़ेसाती का प्रभाव है और किस तरह इससे बचा जा सकता है। 
 

कैसे प्रारंभ होती है शनि की साढ़ेताती?

जब भी शनि किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उनके गोचर से साढ़ेसाती और ढैय्या का चक्र शुरू होता है। जैसे शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं तो उससे अगली राशि अर्थात मेष को शनि की साढ़ेसाती का प्रथम चरण प्रारंभ हो गया है। फिर जब शनि मेष में गोचर करेंगे तो दूसरा चरण प्रारंभ होगा और जब वृषभ में प्रवेश करेंगे तो तीसरा चरण प्रारंभ होगा।
 

शनि की साढ़ेसाती की गिरफ्त में ये 3 राशियां

1. मेष राशि (प्रथम चरण): मेष जातकों के लिए साढ़ेसाती का उदय 29 मार्च 2029 को हुआ था। प्रथम चरण में नए कार्यों में विलंब और आर्थिक निवेश में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। प्रथम चरण का सीधा असर जातक की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। धन हानि या फिजूलखर्ची बढ़ सकती है। आप पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव 31 मई 2032 तक रहेगा।
 
2. मीन राशि (मध्य यानी दूसरा चरण): मीन राशि के लिए यह समय सबसे चुनौतीपूर्ण हो सकता है। साढ़ेसाती का दूसरा चरण 'शिखर' माना जाता है, जो मानसिक और पारिवारिक तनाव दे सकता है। यह सबसे कठिन चरण माना जाता है। इसका प्रभाव पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर होता है। रिश्तों में दरार और मानसिक अशांति संभव है। 8 अगस्त 2029 को मीन राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी।
 
3. कुंभ राशि (अंतिम चरण): कुंभ जातकों के लिए यह राहत का समय होगा क्योंकि वे साढ़ेसाती के अंतिम पड़ाव में होंगे। उतार-चढ़ाव के बाद अब स्थिरता आने का समय है। यह अंतिम चरण का मुख्य असर सेहत पर पड़ता है, लेकिन जाते-जाते शनि जातक को कर्मों का मीठा फल भी देकर जाते हैं। आप पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव 3 जून 2027 तक रहेगा।
 

शनि की ढैय्या की गिरफ्त में ये 2 राशियां

1. सिंह राशि: वाद-विवाद और गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की सलाह दी जाती है। सिंह राशि वालों के लिए शनि का गोचर अष्टम भाव में चल रहा है अर्थात 29 मार्च 2025 के बाद सिंह राशि वालों की शनि की आठवीं ढैय्या प्रारंभ होगी, सिंह राशि वालों को ढैय्या के प्रभाव से आर्थिक हानि हो सकती है, परिवार कुटुंब के लोगों से व्यर्थ का विवाद होगा, कार्य क्षेत्र में रुकावट आएगी, जिससे मानसिक अशांति व्यक्ति को हो सकती है जो छात्र पढ़ाई कर रहे हैं या व्यस्त हैं उनकी पढ़ाई में रूकावट या परेशानी आ सकती है।
 
2. धनु राशि: करियर और स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता जरूरी है। धनु राशि वालों के लिए शनि का गोचर चतुर्थ भाव में है अर्थात 29 मार्च 2025 के बाद धनु राशि वालों के लिए शनि की चौथी ढैय्या प्रारंभ होगी। धनु राशि वालों को ढैय्या के प्रभाव से मानसिक अशांति हो सकती है तथा माता-पिता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, धनु राशि वाले मित्रों से सतर्क रहें वरना धोखा हो सकता है तथा व्यर्थ के विवाद से दूर रहे अन्यथा कोर्ट कचहरी मुकदमे से परेशान हो सकते हैं, कार्य क्षेत्र में रुकावट तथा परेशानी आ सकती है।
 

शनि की साढ़ेसाती और ढैया का अचूक उपाय:

1. छाया दान: एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरें। शनिवार की सुबह उसमें अपना चेहरा देखें और फिर तेल सहित उस कटोरी को शनि मंदिर में रख दें। यह आपके कष्टों को सोख लेता है।
 
2. हनुमान जी की शरण: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमाजी को चमेली के तेल का दीपक जलाकर सिंदूर अर्पित करें।
 
3. मानवता की सेवा: कम से कम 10 दृष्टिबाधित (अंधे) लोगों को भोजन या नाश्ता कराएं। आपके घर या ऑफिस में काम करने वाले सफाईकर्मी, मजदूर या ऑफिस कार्य कर्मचारी से मधुर व्यवहार रखें और समय-समय पर उन्हें धन या अन्य प्रकार का कोई दान करते रहें।

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