Toll Tax के नए Rules, इन गाड़ियों को नहीं मिलेगा फिटनेस सर्टिफिकेट-NOC, आपके लिए जानना बेहद जरूरी
टोल टैक्स का नया नियम- बकाया भुगतान न होने पर नहीं मिलेगा गाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट और NOC, सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
अगर आप भी अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो भारत सरकार का यह नया नियम आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने टोल टैक्स (Toll Tax) की वसूली और अनुपालन (Compliance) को और भी सख्त बना दिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 'केंद्रीय मोटर वाहन (दूसरा संशोधन) नियम, 2026' अधिसूचित किया है। इसके तहत अब आपके वाहन की फिटनेस और एनओसी (NOC) सीधे आपके टोल भुगतान के रिकॉर्ड से जुड़ गई है। कमर्शियल वाहनों को मिलने वाले 'नेशनल परमिट' के लिए भी अब नो-ड्यूज (No-Dues) अनिवार्य कर दिया गया है। बिना टोल क्लीयरेंस के नेशनल परमिट जारी नहीं होगा।
क्यों उठाया गया है कदम
केंद्र सरकार ने टोल टैक्स की वसूली को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब यदि आपके वाहन पर टोल का बकाया है, तो आप न तो गाड़ी की एनओसी ले पाएंगे और न ही उसका फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू करा सकेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि 2026 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध, बैरियर-मुक्त टोलिंग प्रणाली लागू करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता होगी। इसके लिए शुरुआती तौर पर 10 टेंडर जारी किए गए हैं। इसमें टोल वसूली की लागत 15 प्रतिशत से घटकर करीब तीन प्रतिशत रह जाएगी।
क्या नए नियम का उद्देश्य
अब वाहन मालिकों को वाहन बेचने या फिटनेस प्रमाण-पत्र हासिल करने से पहले सभी लंबित टोल प्लाजा देनदारियों का भुगतान करना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने कहा कि मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) प्रणाली लागू होने के बाद भी ये प्रावधान उपयोग शुल्क संग्रह को मजबूत बनाने में मदद करेंगे। इस प्रणाली के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर बिना किसी बैरियर के टोल वसूली की जाएगी। सरकार ने यह कदम बैरियर-मुक्त टोलिंग व्यवस्था लागू करने के मकसद से उठाया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टोल प्लाजा पर देय सभी अपूर्ण उपयोग शुल्क वाहन मालिकों द्वारा चुकाए जाएं।
नहीं जारी होगी रिनिवल कॉपी
व्यावसायिक वाहनों (Commercial Vehicles) के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। नए नियम के अनुसार, यदि आपके वाहन पर कोई टोल बकाया है, तो फिटनेस सर्टिफिकेट का नवीनीकरण (Renewal) या नई कॉपी जारी नहीं की जाएगी।
आपके लिए जरूरी सलाह
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यात्रा से पहले हमेशा अपने फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस रखें।
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वाहन बेचने या फिटनेस टेस्ट के लिए जाने से पहले NHAI की वेबसाइट या ऐप पर जाकर चेक करें कि क्या आपके वाहन पर कोई टोल लायबिलिटी पेंडिंग है।
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ध्यान रहे कि 1 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर नकद (Cash) भुगतान पूरी तरह बंद हो सकता है, इसलिए डिजिटल पेमेंट का ही सहारा लें।
क्या कहा मंत्रालय ने
मंत्रालय ने एक बयान में कहा इन संशोधनों का मकसद उपयोग शुल्क अनुपालन में सुधार करना, इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह की दक्षता बढ़ाना और राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल चोरी को हतोत्साहित करना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि टोल देनदारी बकाया होने की स्थिति में वाहन के हस्तांतरण, फिटनेस नवीनीकरण और परमिट के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं किया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक ये संशोधन 11 जुलाई 2025 को जारी मसौदा नियमों पर हितधारकों और आम जनता से प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अधिसूचित किए गए हैं। मसौदा अधिसूचना की प्रतियां 14 जुलाई 2025 को सार्वजनिक की गई थीं।
संशोधित नियमों के तहत अपूर्ण उपयोग शुल्क की एक नई परिभाषा जोड़ी गई है। यह ऐसा शुल्क होगा जो राष्ट्रीय राजमार्ग के किसी हिस्से के उपयोग के लिए देय है, जहां इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली ने वाहन की आवाजाही दर्ज की हो, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत निर्धारित शुल्क प्राप्त नहीं हुआ हो।
मंत्रालय ने कहा कि ये संशोधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित टोलिंग प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करेंगे, जिससे देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के सतत विकास और रखरखाव को बल मिलेगा।
क्या होती है NoC
यदि आप अपनी गाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर (Inter-state transfer) करना चाहते हैं या गाड़ी बेचकर मालिकाना हक बदलना (Ownership Transfer) चाहते हैं, तो आपको आरटीओ (RTO) से एनओसी की जरूरत होती है। अब यह एनओसी तभी मिलेगी जब आपके वाहन का पिछला सारा टोल बकाया चुकता होगा।
फॉर्म 28 में किए गए बदलाव
इसके साथ फॉर्म 28 में भी संबंधित बदलाव किए गए हैं। अब इस फॉर्म में आवेदक को यह खुलासा करना होगा कि वाहन के खिलाफ किसी टोल प्लाजा पर अपूर्ण उपयोग शुल्क की मांग लंबित है या नहीं। साथ ही उसका विवरण भी देना होगा। डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देते हुए नियमों में नामित ऑनलाइन पोर्टल के जरिये फॉर्म 28 के प्रासंगिक हिस्सों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करने का प्रावधान भी किया गया है। फॉर्म 28 वाहन हस्तांतरण के लिए एक जरूरी दस्तावेज है, जो यह प्रमाणित करता है कि वाहन पर कोई लंबित कर, चालान या कानूनी अड़चन नहीं है।
बैरियर-लेस टोलिंग (Barrier-less Tolling)
सरकार जल्द ही हाईवे पर बैरियर हटाने की तैयारी में है (Multi-Lane Free Flow System)। इसमें सेंसर अपने आप टोल काट लेंगे। जो लोग टैक्स नहीं भरेंगे, उन्हें इन नियमों के जरिए ट्रैक किया जाएगा। कई लोग फास्टैग (FASTag) का गलत इस्तेमाल करते हैं या बैलेंस कम होने पर बिना भुगतान निकल जाते हैं। अब उनकी पहचान फिटनेस रिन्यूअल के समय आसानी से हो जाएगी। 28 (NOC के लिए आवेदन) में बदलाव किया गया है। अब आवेदक को खुद घोषणा करनी होगी कि उसके वाहन पर कोई टोल शुल्क लंबित नहीं है। Edited by : Sudhir Sharma