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सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी क्यों फ्लॉप हुई: 5 बड़ी गलतियाँ जिनसे डूबा वरुण-जान्हवी का जहाज

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हमें फॉलो करें SUNNY SANSKARI KI TULSI KUMARI (2025)

WD Entertainment Desk

, मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 (17:31 IST)
वरुण धवन और जान्हवी कपूर की फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ दशहरे पर रिलीज हुई, लेकिन 5 दिनों में सिर्फ 35.37 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर पाई। शशांक खेतान के निर्देशन में बनी यह रोमांटिक-कॉमेडी दर्शकों को हंसा या जोड़ नहीं पाई। कमजोर कहानी, फीकी एक्टिंग और बेमजा स्क्रीनप्ले ने इसे फ्लॉप बना दिया। आइए जानते हैं वे 5 कारण जिनसे दर्शक फिल्म से दूर भागे।
 
1. कहानी पर यकीन करना मुश्किल
फिल्म की कहानी सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई। एक लड़का और एक लड़की शादी करने जा रहे हैं, लेकिन दोनों अपनी डेस्टिनेशन वेडिंग पर अपने-अपने एक्स को बुला लेते हैं — यह विचार ही अविश्वसनीय लगता है। दर्शकों को यह सेटअप न तो तार्किक लगा और न ही भावनात्मक रूप से जुड़ पाया।
 
2. स्क्रीनप्ले में नहीं था एंटरटेनमेंट
कहानी को बचाने की उम्मीद थी कि शायद स्क्रीनप्ले इसे मनोरंजक बना दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। न कॉमेडी ने हंसाया, न रोमांस ने छुआ। हर सीन नीरस लगा और फिल्म आगे बढ़ने के बजाय खिंचती चली गई। दर्शकों ने कहा कि फिल्म में "कुछ भी नया" देखने को नहीं मिला।
 
3. गलत कास्टिंग का असर
कहानी में वरुण धवन और जान्हवी कपूर अपने-अपने एक्स के पीछे दीवाने दिखते हैं, लेकिन जिन रोल्स में सान्या मल्होत्रा और रोहित सराफ को लिया गया है, वे स्टार पावर के लिहाज से कमजोर हैं। यह प्रेम-त्रिकोण तब प्रभावी होता जब इन किरदारों में ज्यादा मजबूत या लोकप्रिय चेहरे होते। कमजोर कास्टिंग ने फिल्म का इमोशनल कनेक्शन तोड़ दिया।
 
4. वरुण और जान्हवी की फीकी एक्टिंग
वरुण धवन ने इस बार भी वही एक्सप्रेशन और वही अंदाज दोहराया जो वे पिछली फिल्मों में दिखा चुके हैं। वहीं, जान्हवी कपूर का अभिनय भावनात्मक गहराई से रहित लगा। दोनों के बीच की केमिस्ट्री कृत्रिम और असहज लगी। न दर्शकों को हंसी आई, न दिल छुआ।
 
5. शशांक खेतान का कमजोर निर्देशन
निर्देशक शशांक खेतान ने इस बार बड़े सेट्स, महंगे कॉस्ट्यूम्स और भव्य गानों पर ज़ोर दिया, लेकिन कहानी और भावनाओं पर ध्यान नहीं दिया। वे अपने कलाकारों से भी ईमानदार परफॉर्मेंस नहीं निकलवा पाए। नतीजा — एक खूबसूरत लेकिन बेमकसद फिल्म जो दर्शकों के साथ कनेक्ट नहीं कर पाई।
 
चमक-दमक के बावजूद दिल नहीं जीत पाई फिल्म
‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ देखने के बाद साफ है कि सिर्फ ग्लैमर और म्यूज़िक किसी फिल्म को हिट नहीं बना सकते। दर्शक अब कंटेंट की मांग करते हैं, और इस फिल्म में वही गायब था। वरुण-जान्हवी की यह जोड़ी बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को आकर्षित करने में नाकाम रही।

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