Publish Date: Wed, 04 Mar 2026 (14:06 IST)
Updated Date: Wed, 04 Mar 2026 (14:11 IST)
इस बार होली के रंग कुछ अलग थे। जहां आमतौर पर बॉलीवुड सितारों के घरों में रंग, गुलाल और जश्न की धूम रहती है, वहीं महानायक अमिताभ बच्चन ने इस साल बेहद शांत और सादगी भरी होली मनाई। उन्होंने अपने ब्लॉग पर सिर्फ तीन शब्द लिखे “एक शांत होली।” इन शब्दों में ही उनका मनोभाव साफ झलक रहा था।
अमिताभ बच्चन ने इस मौके पर होली के लिए खास तौर पर बने मिठाइयों की तस्वीरें और होलिका दहन की झलक साझा की, लेकिन पूरा माहौल बेहद सादा और शांत दिखाई दिया। यह अंदाज उनके चाहने वालों के लिए थोड़ा अलग जरूर था, मगर उतना ही भावुक भी।
दोस्त की कमी ने बदला रंग
कहा जा रहा है कि इस बार की सादगी भरी होली के पीछे एक भावनात्मक कारण भी हो सकता है। नवंबर 2025 में उनके करीबी मित्र और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के बाद से अमिताभ बच्चन काफी भावुक नजर आए हैं। ऐसे में इस साल की होली शायद उनके लिए उत्सव से ज्यादा आत्ममंथन का अवसर बन गई। रंगों का यह त्योहार उनके लिए यादों और खामोशी के बीच बीता, जहां शोर से ज्यादा सुकून को जगह मिली।
जलसा सिर्फ घर नहीं, एक एहसास
हाल ही में अमिताभ बच्चन ने अपने मशहूर मुंबई स्थित घर जलसा को लेकर भी भावुक बातें साझा की थीं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि करोड़ों आशीर्वादों का प्रतीक है। तीन दशकों से ज्यादा समय से यही घर उनके परिवार का सहारा बना हुआ है।
उन्होंने लिखा कि इसी घर ने उनके बच्चों के जन्म के पल देखे, उनकी शादियों की खुशियां देखीं और अब उनके पोते-पोतियों की परवरिश भी देख रहा है। जलसा उनके लिए सिर्फ दीवारों और छत का नाम नहीं, बल्कि परिवार, प्रेम और साथ का जीवंत प्रतीक है।
फैंस का प्यार दिव्य उपस्थिति जैसा
अमिताभ बच्चन अपने प्रशंसकों को प्यार से “एक्सटेंडेड फैमिली” यानी विस्तारित परिवार कहते हैं। हर रविवार उनके घर के बाहर जुटने वाले फैंस का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि लोगों का अपने व्यस्त जीवन से कुछ पल निकालकर उन्हें शुभकामनाएं देना उनके लिए किसी दिव्य उपस्थिति से कम नहीं है। उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि यही प्रेम और आशीर्वाद उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता है।
इस साल भले ही होली का रंग हल्का रहा हो, लेकिन भावनाओं का रंग बेहद गहरा था। अमिताभ बच्चन की “एक शांत होली” ने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी सादगी और खामोशी भी किसी बड़े जश्न से कम नहीं होती।