टीवी सीरियल 'बालिका वधु' में आनंदी का किरदार निभाकर प्रत्युषा बनर्जी ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। वह पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस 7 में भी नजर आई थी। 2016 में महज 24 साल की उम्र में प्रत्युषा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी।
प्रत्युषा की मौत के बाद उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह पर कई आरोप लगे। एक्ट्रेस ने अपने बॉयफ्रेंड के अपार्टमेंट में ही फांसी लगाई थी, जिसके बाद कई लोगों ने आरोप लगाया कि राहुल ने ही प्रत्युषा की हत्या की है। हालांकि पोर्स्टमार्टम रिपोर्ट में एक्ट्रेस की मौत का कारण दम घुटने से ही बताया गया था।
वहीं अब प्रत्युषा की मौत के सालों बाद राहुल राज सिंह ने प्रत्युषा की मौत को लेकर बात की है। राहुल ने फ्री प्रेस जर्नल संग बात करते हुए उस पल को याद किया, जब उन्होंने प्रत्युषा को फांसी के फंदे पर लटका देखा। राहुल ने बताया कि जब वह वहां पहुंचे तब प्रत्युषा जिंदा दी।
राहुल ने कहा, मैं सबसे पहले वहां पहुंचा और एक ताला बनाने वाले की मदद से हमने दरवाजा खोलने की कोशिश की। हमारे फ्लैट में एक बालकनी थी जो आपस में जुड़ी हुई थी। हम गेट खोलने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि घंटी बजाने पर भी वो नहीं खोल रही थीं।
राहुल ने आगे कहा, मैंने ताला तोड़ने की कोशिश की। मुझे कुछ बुरा महसूस हो रहा था। मुझे लगा कि शायद उन्होंने शराब पी रखी थी या सोई हुई थीं। तभी ताला बनाने वाला पीछे से आया और वो डर गया। उसके हाथ कांप रहे थे, क्योंकि वो प्रत्युषा को देखकर घबरा गया था। जब उसने दरवाजा खोला और मैंने ऊपर देखा तो वह एक काले साटन के कपड़े में लटकी हुई थी। यह बहुत बुरा था। मैंने हिम्मत जुटाई और उसे हॉस्पिटल ले गया। जब मैं उसे वहां ले जा रहा था, तब वह जिंदा थी। मैंने उसे सीपीआर देने की भी कोशिश की, लेकिन वह बच नहीं पाई।
रहुल ने बताया कि प्रत्युषा के पिता एक्ट्रेस संग काफी बदतमीजी किया करते थे। जब मेरी मुलाकात प्रत्युषा से हुई, तब वो काफी बुरी हालात में थी। उन्होंने दावा किया कि प्रत्युषा दिमागी रूप से ठीक नहीं थीं। उनकी मौत से 2-3 दिन पहले, प्रत्युषा और उनके पिता के बीच बातचीत हुई थी। जिसमें उनेक पिता ने कुछ गालियां दी थीं।
राहुल ने दावा किया कि उनके रिश्ते के दौरान उन्हें पता चला कि प्रत्यूषा के पिता एक बुरे इंसान थे और उसे गाली देते थे। उन्होंने कहा, हमारी आखिरी बातचीत में मैं उससे पूछ रहा था तुम्हें इतना बुरा क्यों लग रहा है? उसने कहा कि उसे गाली सुनना पसंद नहीं है तो मैंने पूछा, तुम्हें कौन गाली दे रहा है? उसने कहा कि उसके पिता उसे गाली दे रहे हैं, जब कोई पिता अपनी बेटी को गाली देता है तो इसका बहुत असर होता है।
अपने ऊपर लगे आरोपों पर राहुल ने कहा, जब ये सब हुआ, तो उन्होंने सारा दोष मुझ पर मढ़ यिदा और जांच पूरी तरह से पटरी से उतर गई। मुझे श्मशान घाट तक भी नहीं जाने दिया। ये लोग कहते रहे कि वो हत्यारा है, उसने उसे मारा, उसने उसे फांसी पर लटका दिया। उसे लटकाने का मेरा क्या मकसद था? क्या मैं अपनी ही गर्लफ्रेंड को मारने बॉम्बे आया था? लोग ये बातें कहते रहे और आज भी मुझे हत्यारा कहा जाता है।