अभिनय की दुनिया में प्रवेश करने के बाद रितेश देशमुख के मन में दो इच्छाएँ थीं। एक तो फिल्म में अलादीन का किरदार निभाना और दूसरा अमिताभ बच्चन के साथ एक्टिंग करना। संयोग की बात हैं कि उनकी दोनों इच्छाएँ एक ही फिल्म ‘अलादीन’ के जरिये पूरी हो गईं। रितेश कहते हैं ‘मैंने कभी सोचा नहीं था कि एक ही फिल्म के जरिये मेरे सपने पूरे हो जाएँगे।‘
अलादीन का किरदार रितेश को अपने जैसा लगता है। रितेश कहते हैं ‘जब निर्देशक सुजॉय घोष ने मुझे शीर्षक भूमिका सौंपी तो यह किरदार मुझे अपने जैसा लगा। स्कूल में जब मैं पढ़ता था तब मैं चुपचाप रहता था। मेरे ज्यादा दोस्त नहीं थे और मैं अपने आप में खोया रहता था। अलादीन भी मेरी तरह ही है।'