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Hrithik Roshan as Lord Rama: जब ऋतिक रोशन बनने वाले थे 'प्रभु श्रीराम', संजय खान की इस मेगा बजट फिल्म का क्या हुआ?

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इन दिनों हर तरफ नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' और इसमें 'भगवान राम' बने रणबीर कपूर के लुक की चर्चा हो रही है। दिवाली पर रिलीज होने वाली इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। लेकिन इसी बीच सिनेमा के गलियारों से एक पुरानी और दिलचस्प याद ताजा हो गई है। दरअसल, रणबीर कपूर से करीब 18 साल पहले बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' कहे जाने वाले ऋतिक रोशन को पर्दे पर 'मर्यादा पुरुषोत्तम राम' के रूप में उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। यह उस दौर की एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना थी, जो अगर हकीकत बनती तो शायद आज भारतीय सिनेमा का इतिहास कुछ और ही होता।
 

जब संजय खान ने बुना था 'द लीजेंड ऑफ रामा' का सपना

साल 2008 में मशहूर फिल्म निर्माता संजय खान ने एक भव्य प्रोजेक्ट की घोषणा की थी, जिसका नाम रखा गया था 'द लीजेंड ऑफ रामा'। 'जय हनुमान' और 'द सोर्ड ऑफ टीपू सुल्तान' जैसे ऐतिहासिक और पौराणिक टीवी शोज के जरिए घर-घर में पहचान बनाने वाले संजय खान इस बार बड़े पर्दे पर रामायण की गाथा दोहराना चाहते थे। उस वक्त इस फिल्म का बजट करीब 50 करोड़ रुपये तय किया गया था, जो उस दौर के हिसाब से एक बहुत बड़ी राशि मानी जाती थी। संजय खान इस प्रोजेक्ट को लेकर इतने गंभीर थे कि उन्होंने पूरी स्टारकास्ट का खाका भी तैयार कर लिया था।
 

ऋतिक रोशन का 'राम' और अमिताभ बच्चन का 'दशरथ' लुक

इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी कास्टिंग थी। संजय खान ने अपने पूर्व दामाद ऋतिक रोशन को 'भगवान राम' के मुख्य किरदार के लिए चुना था। ऋतिक की कद-काठी और उनके व्यक्तित्व को देखते हुए मेकर्स को लगा था कि वह इस दिव्य भूमिका के साथ पूरा न्याय करेंगे। इतना ही नहीं, 'राजा दशरथ' के महत्वपूर्ण किरदार के लिए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का नाम तय किया गया था। वहीं, ऋतिक के साले जायद खान को 'लक्ष्मण' की भूमिका दी गई थी। फिल्म की प्लानिंग ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी और फैंस अपने चहेते सितारों को इस पौराणिक अवतार में देखने के लिए बेताब थे।
 

क्यों ठंडे बस्ते में चला गया यह मेगा प्रोजेक्ट?

हैरानी की बात यह है कि इतनी तगड़ी प्लानिंग और शानदार स्टारकास्ट के बावजूद यह फिल्म कभी फ्लोर पर नहीं आ सकी। कहा जाता है कि जब ऋतिक रोशन और संजय खान ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अपने करीबियों से सलाह ली, तो उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनके शुभचिंतकों और जानकारों का मानना था कि शायद उस समय ऐसी भव्य फिल्म बनाना जोखिम भरा हो सकता है या फिर ऋतिक की इमेज उस दौर में इस तरह के किरदार के लिए पूरी तरह फिट नहीं बैठ रही थी। नतीजा यह हुआ कि 'द लीजेंड ऑफ रामा' शुरू होने से पहले ही बंद हो गई।
 

रावण की चर्चा और रणबीर का नया दौर

दिलचस्प बात यह है कि सालों बाद एक बार फिर ऋतिक रोशन का नाम रामायण से जुड़ा था, लेकिन इस बार राम के लिए नहीं बल्कि 'रावण' के किरदार के लिए। हालांकि, ऋतिक ने उस रोल को भी स्वीकार नहीं किया। अब समय का पहिया घूम चुका है और रणबीर कपूर इस ऐतिहासिक विरासत को पर्दे पर निभाने के लिए तैयार हैं। फिल्म प्रेमियों के लिए यह जानना हमेशा रोमांचक रहेगा कि जिस सिंहासन पर आज रणबीर कपूर नजर आने वाले हैं, उस पर कभी ऋतिक रोशन की दावेदारी पक्की हो चुकी थी।

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