दिल्ली के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी ठगी सामने आई है। पुलिस ने इसे सबसे बड़ा फ्रॉड बताया है। एक बुजुर्ग से व्हाट्सएप की लिंक की मदद से 18.80 करोड़ रुपए ठग लिए। दिल्ली पुलिस ने खुद इस फ्रॉड का खुलासा किया है और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि फ्रॉड का यह सिंडिकेट कंबोडिया से संचालित हो रहा था।
पुलिस ने किया खुलासा: दिल्ली पुलिस के साइबर सेल (IFSO) ने एक 78 वर्षीय कपड़ा व्यापारी के साथ हुई 18.80 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा किया है। जो दिल्ली के इतिहास की अब तक की दूसरी सबसे बड़ी साइबर ठगी है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरी साजिश एक व्हाट्सएप लिंक के ज़रिए शुरू हुई।
निश्चित मुनाफे का लालच : जुलाई 2024 में पीड़ित को एक अज्ञात नंबर से शेयर ट्रेडिंग ग्रुप में शामिल होने का न्योता मिला। बुज़ुर्ग को लालच दिया गया कि यदि वे आईपीओ (IPO) में निवेश करते हैं, तो उन्हें 30 प्रतिशत तक का निश्चित मुनाफा होगा।
18.80 करोड़ कर दिए ट्रांसफर: ठगों ने एक बेहद पेशेवर दिखने वाला नकली ऐप बनवाया था, जो पीड़ित के बैंक खातों और कथित मुनाफे को डैशबोर्ड पर पारदर्शी तरीके से दिखाता था। व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य, जो वास्तव में गिरोह के ही लोग थे, लगातार अपने नकली मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते थे ताकि विश्वास जीता जा सके। पीड़ित ने धीरे-धीरे 26 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 18.80 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो ऐप ने उसे ब्लॉक कर दिया।
कंबोडिया से हो रहा था कंट्रोल : पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरा सिंडिकेट कंबोडिया से संचालित हो रहा था और इसमें चीनी गिरोहों का हाथ था।ठगी के पैसों को मिनटों के भीतर सैकड़ों म्यूल अकाउंट्स में फैलाकर क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया गया। पुलिस ने अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो ज़्यादातर कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते देने वाले गरीब लोग हैं।
Edited By: Navin Rangiyal