Publish Date: Tue, 31 Mar 2026 (23:09 IST)
Updated Date: Tue, 31 Mar 2026 (23:12 IST)
एक एलपीजी की बुकिंग से पुलिस एक कातिल तक पहुंच गई। अपनी पत्नी की हत्या के मामले में चार साल से फरार चल रहे भारतीय सेना के पूर्व कैप्टन संदीप तोमर को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब पुलिस पिछले चार सालों से उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन अंत में एक LPG सिलेंडर की बुकिंग उसकी गिरफ्तारी का मुख्य कारण बनी।
क्या था पूरा मामला
सेना की 12 बिहार रेजिमेंट में कैप्टन संदीप तोमर को 2014 में अपनी पत्नी श्वेता की गला दबाकर हत्या करने का दोषी पाया गया था। उस वक्त उसने हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की थी। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी और सेना से बर्खास्त कर दिया गया था।
साल 2019 में जमानत पर बाहर आने के बाद जब 2022 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा, तो वह फरार हो गया। उसके ससुर द्वारा कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया।
पुलिस कैसे पहुंची दोषी तक
SIT ने इस हाईप्रोफाइल केस को सुलझाने के लिए NAT-GRID (नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड) की मदद ली। जाँच के दौरान पुलिस को तोमर का असली पैन कार्ड मिला, जिससे उसके एक निजी बैंक खाते का पता चला। बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि एक निजी कंपनी उसे हर महीने वेतन दे रही थी। खाते से जुड़े मोबाइल नंबर ने उसकी लोकेशन मध्यप्रदेश के पांढुर्णा जिले में दिखाई।
बुकिंग से मिला पता
पांढुर्णा मिलने के बावजूद तोमर का सटीक पता मिलना मुश्किल था। पुलिस ने जब बैंक स्टेटमेंट का बारीकी से विश्लेषण किया, तो उसमें भारत गैस के एक सिलेंडर की पेमेंट दिखाई दी। पुलिस ने संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क किया और उस पते का पता लगा लिया जहां सिलेंडर डिलीवर किया गया था।
पंजाब पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस के सहयोग से उस किराए के मकान पर छापा मारकर उसे धरदबोचा। पकड़े जाने से बचने के लिए वह पिछले चार सालों से देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपकर रह रहा था। फिलहाल उसे वापस पंजाब लाया गया है। Edited by: Sudhir Sharma