कातिल किरायेदार का कुकर्म, किराया या कुछ और क्यों मकान मालकिन को मारा बेरहमी से?
राज उगलेगा फ्लैट नंबर-506, किराया या कुछ और है मकान मालकिन के मर्डर की कहानी
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन के ओरा कायमेरा सोसाइटी के फ्लैट नंबर-506 में दीपशिखा शर्मा नाम की एक महिला का संदिग्ध हालत में शव मिला था। शव मिलने के बाद कॉलोनी में दहशत छा गई है। हर कोई इस सनसनीखेज मर्डर के बारे में जानकार खौफ में है।
दरअसल, दीपशिखा ने ये फ्लैट किराए पर दे रखा था। बताया जा रहा है कि किरायेदार ने पिछले छह महीने से किराया नहीं दिया था, किराया लेने जब दीपशिखा फ्लैट पर पहुंची तो किराएदार पति-पत्नी ने उनकी हत्या कर दी।
दीपशिखा बुधवार को राजनगर एक्सटेंशन की ओरा कायमेरा सोसाइटी के टावर-नंबर F के फ्लैट नंबर 506 में किराया लेने गईं थी। इस दौरान किराएदार अजय गुप्ता और उसकी पत्नी आकृति गुप्ता से उनकी कहासुनी हो गई, जिसके बाद दोनों ने मिलकर दीपशिखा की हत्या कर दी, फिर शव को एक शॉपिंग ट्रॉली बैग में रखकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। इसके लिए आरोपी ने बकायदा ऑटो बुक कर दिया था, लेकिन दीपशिखा की मेड की सूझबूझ से ये दोनों धरे गए।
मेड के शक के बाद हुआ खुलासा : जानकारी के मुताबिक अजय गुप्ता अपनी पत्नी आकृति के साथ तकरीबन आठ महीने से किराये पर रहे थे, लेकिन समय पर किराया नहीं देते थे। अक्सर किराये को लेकर तकरार होती थी। बुधवार को भी दीपशिखा किराया लेने गईं थी। काफी देर तक नहीं लौटीं तो मेड को शक हुआ और वो भी वहां पर पहुंची, तब जाकर हत्या का खुलासा हुआ।
CCTV से उजागर हुआ केस: शुरुआत में दोनों आरोपियों ने मेड को गुमराह करने की कोशिश की। मेड को इस बात का यकीन दिलाने की कोशिश की कि दीपशिखा 90 हजार रुपए लेकर जा चुकी हैं। मेड ने गार्ड के पास जाकर CCTV चैक कराया तो पता चला कि दीपशिखा तो फ्लैट से नीचे आईं ही नहीं। इतना ही नहीं आरोपियों के पास मौजूद लाल सूटकेस और हड़बडाहट से शक और गहरा गया।
मेड ने बाहर से बंद कर दिया: इसके बाद मेड ने दोनों को फ्लैट में बंद कर पड़ोसियों को इकट्ठा किया और पुलिस को सूचना दी। पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने बताया कि आए दिन किराए को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इसलिए तंग आकर दोनों ने मिलकर हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।
ये भी एक एंगल है मर्डर का : इस मर्डर के बाद ओरा कायमेरा सोसाइटी के लोगों का कुछ और ही कहना है। लोगों का कहना है कि अगर कोई किरायेदार 18000 का फ्लैट लेकर रह रहा था तो ऐसा भी नहीं हो सकता कि उसका छह महीने का किराया बकाया हो। इतने में तो मकान मालिक फ्लैट खाली करा लेते हैं। कोई किराये के लिए इतना समय इंतजार ही नहीं करता। मकान मालिक और किराएदार पति-पत्नी हो सकता है कि जान-पहचान के हों या हत्या की वजह किराये की जगह कुछ और भी हो सकती है।
Edited By: Navin Rangiyal