इस तिथि को मोक्षदा एकादशी कहने का कारण यह है कि यह व्रत रखने वाले व्यक्ति और उसके पितरों, दोनों को संसार के बंधन से मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। साथ ही इस तिथि पर गीता जयंती होने के कारण भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों को याद करके उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प भी लिया जाता है। आइए यहां जानते हैं गीता जयंती के दिन क्या करें...
गीता जयंती 2025 पर क्या करें, जानें 5 मुख्य कार्य...
1. श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ और पूजन:
गीता का पाठ: यह दिन गीता के अवतरण का है, इसलिए पूरी गीता (18 अध्याय) का पाठ करना या कम से कम विभूति योग (10वें अध्याय) और विश्वरूप दर्शन योग (11वें अध्याय) का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
गीता का पूजन: गीता की एक प्रति को पीले या लाल वस्त्र पर रखकर चंदन, फूल और कुमकुम से उसका विधिवत पूजन करें।
गीता दान: किसी मंदिर, पुस्तकालय, या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को गीता की प्रति दान करें। ज्ञान का दान सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
2. भगवान श्रीकृष्ण और विष्णु जी की पूजा:
विष्णु पूजा: एकादशी होने के कारण भगवान विष्णु/ श्री कृष्ण की विधिवत पूजा करें। उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं।
तुलसी अर्पण: भगवान को तुलसी दल यानी तुलसी के पत्ते अवश्य अर्पित करें। तुलसी के बिना भोग अधूरा माना जाता है। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
3. व्रत और पारण:
मोक्षदा एकादशी व्रत: यदि संभव हो, तो इस दिन मोक्षदा एकादशी का व्रत निर्जला या फलाहार अवश्य रखें। इस व्रत से पितरों को मोक्ष मिलता है।
पारण: व्रत का पारण अगले दिन 2 दिसंबर (मंगलवार) को शुभ मुहूर्त (सुबह 06:57 बजे से 09:03 बजे तक) के भीतर ही करें।
4. दान और सेवा:
गरीबों को भोजन: इस दिन ब्राह्मणों या गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और यथाशक्ति वस्त्र या धन का दान करें।
5. अन्य धार्मिक कार्य:
जागरण: रात में जागरण करके भगवान के भजन-कीर्तन करें और गीता के उपदेशों पर विचार करें।
संकटों से मुक्ति: यदि जीवन में कोई बड़ा संकट है, तो इस दिन भगवान कृष्ण को याद करते हुए 'हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे' महामंत्र का जाप करना चाहिए।
इसके अलावा गीता के अनुसार, हमें अपने कर्मों में संलग्न रहकर फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। इस दिन इस बात को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यों में पूरी निष्ठा से लगे रहें। यानी अपने कर्म का पालन करें।
इन कार्यों को करने से आपको आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और भगवान श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा।
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