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हजीरा में L&T के 5000 कर्मचारियों का हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

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Hazira workers protest
Hazira workers protest: सूरत के हजीरा स्थित आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील (AM/NS) प्लांट में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में कार्यरत L&T के लगभग 5000 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने गुरुवार को भारी हंगामा किया। कर्मचारियों की मुख्य मांग वेतन वृद्धि, 12 घंटे के बजाय 8 घंटे की ड्यूटी और ओवरटाइम का डबल रेट देने की थी। पानीपत में L&T कर्मचारियों के विवाद के वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल होने के बाद यहां के श्रमिकों में भी आक्रोश फूट पड़ा और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप धारण कर लिया।

कंपनी की संपत्तियों में तोड़फोड़ और आगजनी

उग्र कर्मचारियों की भीड़ ने कंपनी परिसर में भारी उत्पात मचाया। उपद्रवियों ने ऑफिस के पंखे, टेबल और एंट्री-एक्जिट की अत्याधुनिक मशीनों को तोड़ दिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने कंपनी की 3 फायर फाइटर गाड़ियों में तोड़फोड़ की और 4 बाइकों को आग के हवाले कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि जब वे शांति से अपनी बात रखने गए थे, तब सुरक्षा गार्डों ने उन पर हमला किया, जिससे मामला और बिगड़ गया।

पुलिस कार्रवाई: आंसू गैस और लाठीचार्ज

घटना की गंभीरता को देखते हुए सूरत पुलिस का भारी काफिला प्लांट पर पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लगभग 40 आंसू गैस के गोले छोड़े। इस संघर्ष के दौरान DCP शेफाली बरनवाल के हाथ में पत्थर लगने से वे घायल हो गईं, जबकि एक PI के हाथ में ही आंसू गैस का गोला फटने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोपहर 2 बजे के आसपास पुलिस ने पूरे प्लांट में कड़ा बंदोबस्त तैनात कर स्थिति पर काबू पाया।

मजदूरों ने लगाए शोषण के आरोप

श्रमिकों का कहना है कि उनसे 12 घंटे काम कराकर केवल 600 से 700 रुपए दिए जाते हैं। ऊंचाई पर जोखिम भरा काम होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त आराम या उचित मुआवजा नहीं मिलता। नाइट शिफ्ट के लिए भी सिंगल पे ही दिया जाता है, जिसके खिलाफ श्रमिकों ने 'डबल रेट' की मांग के साथ रैली निकाली थी। इस झड़प के बाद पुलिस ने अब तक 25 से अधिक उपद्रवी श्रमिकों को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ कड़ी FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

L&T कंपनी का आधिकारिक बयान

इस पूरे हंगामे के बाद लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जब भी गुजरात सरकार द्वारा नए 'लेबर कोड' की अधिसूचना जारी की जाएगी, कंपनी उसके सभी नियमों और प्रावधानों को तुरंत लागू करेगी। फिलहाल कंपनी के अधिकारी और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के जरिए मामला सुलझाने के प्रयास चल रहे हैं, हालांकि प्लांट में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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