Publish Date: Wed, 08 Apr 2026 (17:46 IST)
Updated Date: Wed, 08 Apr 2026 (17:48 IST)
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के सबसे बड़े नगर निगम, अहमदाबाद (AMC) में भाजपा बड़े आंतरिक बदलाव की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 8 और 9 अप्रैल को होने वाली बैठकों में टिकट वितरण पर अंतिम मंथन किया जाएगा। नए आरक्षण रोटेशन, जातिगत समीकरण और संसदीय बोर्ड की नई नीति के कारण लगभग 140 वर्तमान पार्षदों का टिकट कटने की संभावना है।
आयु सीमा और 'नो रिपीट' थ्योरी का सख्त पालन
भाजपा ने इस बार उम्मीदवारों के चयन के लिए कड़े मापदंड तय किए हैं। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के नेताओं और लगातार तीन बार पार्षद रह चुके व्यक्तियों को दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विवादित छवि वाले या किसी भी प्रकार के घोटाले में संलिप्त पार्षदों पर पार्टी ने 'कैंची' चलाने का मन बना लिया है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनाव में स्वच्छ और बेदाग छवि वाले नए चेहरों को चुनावी मैदान में उतारना है।
12 वार्डों में पूरी पैनल बदलने की संभावना
अहमदाबाद के 48 वार्डों में से 12 वार्ड ऐसे हैं जहाँ भाजपा पूरी पैनल यानी चारों उम्मीदवारों को बदल देगी। इनमें घाटलोदिया, नवा वाडज, शाहपुर, जमालपुर और मकतंपुरा जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण वार्ड शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कांग्रेस के प्रभाव या बदल रहे जातिगत समीकरणों को देखते हुए भाजपा नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। शेष वार्डों में भी अधिकतम दो उम्मीदवारों को ही दोबारा मौका मिलने की संभावना है।
विवादित और निष्क्रिय नेताओं पर मंडराया संकट
जो पार्षद अपने कार्यकाल के दौरान निष्क्रिय रहे या क्षेत्र के विकास के बजाय विदेश दौरों में व्यस्त रहे, उनके प्रति पार्टी कड़ा रुख अपना रही है। खोखरा वार्ड के पूर्व पार्षद चेतन परमार जैसे मामले पार्टी आलाकमान के संज्ञान में हैं, जो केवल उपस्थिति दर्ज कराने ही बैठक में आते थे। ऐसे गैर-जिम्मेदार नेताओं के स्थान पर पार्टी अब उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी जो जनता के बीच रहकर काम करने का जज्बा रखते हैं।
सक्रिय पदाधिकारियों को मिल सकती है दोबारा जगह
जहाँ एक ओर बड़े पैमाने पर टिकट काटे जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभिन्न समितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सक्रिय पदाधिकारियों को रिपीट किया जा सकता है। राजस्व समिति (Revenue Committee) के जैनिक वकील और प्रदीप दवे, लीगल कमेटी के प्रकाश गुर्जर, साथ ही हाउसिंग और रिक्रिएशन कमेटी के सक्रिय सदस्यों के काम की सराहना की गई है। इन पदाधिकारियों को उनके अनुभव और परिणामोन्मुखी कार्यशैली के आधार पर फिर से चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है। Edited by : Sudhir Sharma
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Wed, 08 Apr 2026 (17:46 IST)
Updated Date: Wed, 08 Apr 2026 (17:48 IST)