Publish Date: Wed, 03 Jun 2026 (10:51 IST)
Updated Date: Wed, 03 Jun 2026 (11:05 IST)
वडोदरा की मांजलपुर सीट से लगातार आठ बार चुनाव जीतने वाले भाजपा के वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। पीएम मोदी ने उन्हें अपना 'अनोखा साथी' बताया। बच्चों के अमेरिका से लौटने के बाद 4 जून को उनकी अंतिम विदाई होगी।
योगेश पटेल पिछले कुछ समय से हृदय रोग से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर दो दिन पहले उन्हें वडोदरा के स्टर्लिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने 80 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन से वडोदरा सहित पूरे गुजरात के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
योगेश पटेल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक 'अनोखा साथी और जननेता' बताया। इसके अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री सहित कई राजनीतिक नेताओं ने सोशल मीडिया (X) के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। निधन की खबर मिलते ही पूर्व सांसद रंजनबेन भट्ट, विधानसभा के मुख्य सचेतक (विप) बालू शुक्ल और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा सहित कई नेता तुरंत अस्पताल पहुंचे।
4 जून को होगी अंतिम विदाई
योगेश पटेल का जन्म 23 जुलाई, 1946 को हुआ था। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनका बेटा और बेटी वर्तमान में अमेरिका में रहते हैं। उनके अमेरिका से वडोदरा पहुंचने के बाद 4 जून को योगेश काका का अंतिम संस्कार किया जाएगा। तब तक उनके पार्थिव देह के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों के उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।
लगातार 8 बार अजेय रहने का रिकॉर्ड
योगेश पटेल का गुजरात की राजनीति में एक बेहद मजबूत और अनोखा स्थान था। शुरुआती दिनों में उन्होंने रावपुरा विधानसभा सीट से लगातार जीत हासिल कर भाजपा के गढ़ को मजबूत किया था। इसके बाद परिसीमन (सीट बदलने) के बाद वे मांजलपुर सीट से चुनाव लड़े और वहां भी अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। साल 1990 से लेकर 2022 के विधानसभा चुनाव तक वे लगातार आठ बार अजेय रहे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सरकार में राज्यमंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं।
गुजरात विधानसभा में एक और सीट खाली
उनके निधन के साथ ही गुजरात विधानसभा की एक और सीट खाली हो गई है। गौरतलब है कि इससे पहले उमरेठ के विधायक गोविंद परमार का 6 मार्च, 2026 को निधन हो गया था, जिसके बाद 5 मई को हुए उपचुनाव में उनके बेटे हर्षद परमार के जीतने पर विधानसभा सदस्यों की संख्या पूरी हुई थी। हालांकि, उसके मात्र 27 दिन बाद ही मांजलपुर के विधायक योगेश पटेल के निधन से गुजरात विधानसभा की सदस्य संख्या एक बार फिर कम हो गई है।
जनता के मुद्दों के लिए अपनी ही सरकार से लड़ गए
वडोदरा की जनता उन्हें प्यार से काका (चाचा) कहकर बुलाती थी। वे एक पारंपरिक राजनेता के बजाय एक सच्चे जनप्रतिनिधि के रूप में बेहद लोकप्रिय थे। शहर की सड़कों, पानी, जल निकासी (ड्रेनेज) और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर वे हमेशा सक्रिय रहते थे। वडोदरा के विकास और जनहित के मुद्दों पर वे अपनी ही सरकार के सामने निडर होकर आवाज उठाने से नहीं कतराते थे। वे मुख्यमंत्री और मंत्रियों को सीधे पत्र लिखकर जनता की समस्याओं को उठाने के लिए जाने जाते थे।
केदारनाथ धाम में 11 लाख रुद्राक्ष अर्पित करने का अधूरा संकल्प
राजनीतिक जीवन के साथ-साथ योगेश काका अपनी गहरी धार्मिक आस्था के लिए भी जाने जाते थे। वे भगवान शिव के परम भक्त थे और उन्होंने पवित्र श्रावण मास (सावन) के दौरान केदारनाथ धाम में 11 लाख रुद्राक्ष अर्पित करने का एक बड़ा संकल्प लिया था। इस विशेष कार्य के लिए नेपाल से रुद्राक्ष मंगवाकर तैयार भी कर लिए गए थे। उनके निधन के बाद अब उनका परिवार और शिव भक्त मिलकर उनके इस अधूरे संकल्प को पूरा करेंगे।
गुजरात भाजपा ने खोया जमीन से जुड़ा एक लोकप्रिय नेता
योगेश पटेल के निधन से गुजरात भाजपा ने एक वरिष्ठ, अनुभवी और जमीन से जुड़ा हुआ निष्ठावान नेता खो दिया है। सादगीपूर्ण जीवन और जनसेवा को समर्पित योगेश काका के लंबे सार्वजनिक जीवन, उनके विशिष्ट राजनीतिक योगदान और अद्भुत जनसंपर्क को वडोदरा और गुजरात की जनता हमेशा आदरपूर्वक याद रखेगी।
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