Publish Date: Wed, 25 Mar 2026 (14:49 IST)
Updated Date: Wed, 25 Mar 2026 (14:53 IST)
Petrol Diesel in Barrel Gujarat: गुजरात सरकार ने राज्य के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ईंधन वितरण के नियमों में ढील दी है। पूर्व में सुरक्षा कारणों से बैरल या खुले कैन में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर जो प्रतिबंध लगाया गया था, उसे अब आंशिक रूप से हटा लिया गया है। इस नए आदेश के बाद, अब पेट्रोल पंप संचालक किसानों को कृषि कार्यों के लिए सीधे बैरल में ईंधन दे सकेंगे, जिससे खेती से संबंधित मशीनों के संचालन में सुगमता आएगी।
निर्धारित सीमा और नए नियमों की जानकारी
सरकार के इस फैसले के तहत ईंधन प्राप्त करने के लिए एक निश्चित सीमा (Limit) तय की गई है। नए नियमों के अनुसार, किसान अपनी जरूरत के हिसाब से अधिकतम 200 Litre तक पेट्रोल या डीज़ल बैरल में ले सकेंगे। यह रियायत मुख्य रूप से पंपसेट और अन्य कृषि उपकरणों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दी गई है। हालांकि, आम वाहन चालकों के लिए पुराना नियम ही लागू रहेगा, यानी उन्हें केवल अपने वाहन में ही ईंधन भरवाने की अनुमति होगी।
मोबाइल टॉवर संचालकों को भी मिली बड़ी छूट
किसानों के साथ-साथ सरकार ने संचार व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए मोबाइल टावर संचालकों को भी इस राहत के दायरे में शामिल किया है। टावर के जनरेटर चलाने के लिए संचालकों को अब 1000 Litre तक ईंधन बैरल में प्राप्त करने की अनुमति दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में नेटवर्क और संचार सेवाओं में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।
निर्णय के पीछे का उद्देश्य और किसानों को लाभ
दरअसल, पहले ईंधन के दुरुपयोग और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए खुले में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाई गई थी, लेकिन किसानों को ट्रैक्टर या भारी मशीनें बार-बार पंप तक ले जाने में होने वाली असुविधा को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। विशेष रूप से बुवाई और कटाई के सीजन में, जब खेतों में काम का दबाव अधिक होता है, तब यह निर्णय किसानों के लिए समय और धन दोनों की बचत करने वाला साबित होगा।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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