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गुजरात सरकार की किसानों को बड़ी सौगात: अब 300 रुपए प्रति मीटर तार फेंसिंग सहायता

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gujarat CM bhupendra patel
गुजरात के किसानों के लिए राज्य सरकार की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने खेतों में खड़ी फसल को आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से बचाने के लिए चलाई जा रही 'कटीले तारों की बाड़ (तार फेंसिंग) योजना' के नियमों में किसानों के हित में बड़ा बदलाव किया है। अब से किसानों को तार फेंसिंग के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता 200 रुपए से बढ़ाकर सीधे 300 रुपए प्रति मीटर कर दी गई है। इसके साथ ही, छोटे किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकें, इसके लिए जमीन की न्यूनतम सीमा को 2 हेक्टेयर से घटाकर मात्र 1 हेक्टेयर कर दिया गया है।
 

महंगाई को देखते हुए सरकार ने बढ़ाई सहायता राशि

इन नए नियमों और सुधारों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए राज्य के कृषि मंत्री जीतुभाई वाघानी ने बताया कि अब तक किसानों को खेत के चारों ओर तार की बाड़ लगाने के लिए प्रति रनिंग मीटर ₹200 या कुल खर्च का 50 प्रतिशत (दोनों में से जो भी कम हो) सहायता दी जाती थी। हालांकि, वर्तमान समय में बाजार में लोहे के सामान और मजदूरी के दाम बढ़ जाने से किसानों का वास्तविक खर्च काफी बढ़ जाता था। किसानों पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने सहायता राशि बढ़ाकर ₹300 प्रति मीटर या कुल खर्च का 50 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
 

मानसून की बुवाई से पहले ही 1 लाख आवेदन मंजूर किए जाएंगे

कृषि मंत्री ने आगे बताया कि सरकार के 'आई-किसान' (i-Khedut) पोर्टल पर अब तक इस योजना के तहत लगभग 1 लाख किसानों के ऑनलाइन आवेदन मिल चुके हैं। राज्य के किसान मानसून की बुवाई और खेती-किसानी के मुख्य दिनों में व्यस्त हों, उससे पहले ही इन सभी आवेदनों को चरणबद्ध तरीके से नियमानुसार मंजूरी दे दी जाएगी। इस व्यापक काम को समय पर पूरा करने के लिए गुजरात सरकार द्वारा 240 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट भी मंजूर कर दिया गया है।
 

जरूरत पड़ने पर दोबारा पोर्टल खोलने और बजट बढ़ाने का आश्वासन

आमतौर पर इस योजना में फॉर्म भरने के लिए आई-किसान पोर्टल वर्ष में केवल एक ही बार खुलता है, लेकिन इस वर्ष अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए जरूरत पड़ने पर दोबारा भी पोर्टल खोला जाएगा। मंत्री जी ने यह दृढ़ भरोसा भी दिलाया है कि यदि मंजूर किए गए 240 करोड़ रुपए कम पड़ेंगे, तो सरकार अतिरिक्त फंड (बजट) की व्यवस्था करके भी बाकी बचे सभी किसानों के आवेदन स्वीकार करेगी और राज्य के सभी पात्र किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।

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