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गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, खेत तालाब योजना के तहत मुफ्त में मिलेगा जियोमेंब्रेम, जानें कैसे करें आवेदन

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Khet Talav Yojana Gujarat 2026
Khet Talav Yojana Gujarat 2026: गुजरात सरकार ने किसानों को सिंचाई में सहायता प्रदान करने के लिए खेत तालाब (फार्म पॉन्ड) में सरकारी खर्च पर जियोमेंब्रेम (प्लास्टिक कवर) फिट करने की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संचयन करना है ताकि संकट के समय में फसलों को बचाया जा सके। इस तकनीक से पानी जमीन में रिसने से रुकेगा, जिससे किसान खरीफ की फसल को बर्बाद होने से बचा सकेंगे और रबी सीजन में भी अतिरिक्त सिंचाई कर पाएंगे। यह योजना लंबे समय में भूजल स्तर को सुधारने में भी मददगार साबित होगी।

आवेदन प्रक्रिया और चयन की विधि

इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक किसानों को 15 मई तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू हो चुकी है। आवेदन प्राप्त होने के बाद, चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रखने के लिए कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन ड्रा (Computerized Draw) आयोजित किया जाएगा। जिन किसानों का नाम ड्रॉ में आएगा, उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। इसके बाद सरकारी अधिकारी खेत का भौतिक सत्यापन (Field Verification) करेंगे और सब सही पाए जाने पर अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

सरकार द्वारा निर्धारित आकार की सीमा

सरकार ने इस योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए कुछ मापदंड तय किए हैं। सरकार अधिकतम 40 मीटर लंबाई, 40 मीटर चौड़ाई और 6 मीटर गहराई वाली खेत तलावड़ी के लिए ही जियोमेंब्रेम का खर्च वहन करेगी। इस माप के अनुसार, अधिकतम 2460 वर्ग मीटर तक का प्लास्टिक सरकारी खर्च पर लगाया जाएगा। यदि कोई किसान इससे बड़े आकार का तालाब बनाता है, तो निर्धारित सीमा से अधिक लगने वाले प्लास्टिक का खर्च किसान को स्वयं उठाना होगा।

कार्यान्वयन और किसान की जिम्मेदारी

इस योजना का मूल मंत्र है- 'गड्ढा किसान का और प्लास्टिक सरकार का'। एक बार ड्रॉ में नाम आने के बाद सिंचाई विभाग द्वारा नियुक्त ठेकेदार खेत में आकर जियोमेंब्रेम बिछाने का काम करेंगे। हालांकि, प्लास्टिक बिछाने के बाद उसके रखरखाव, सफाई और उसे फटने से बचाने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित किसान की होगी। तालाब में अधिक से अधिक पानी का संग्रह हो, इसके लिए भी किसान को उचित प्रबंधन करना होगा।

आवश्यक दस्तावेज और शपथ पत्र

ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को आधार कार्ड की कॉपी, जमीन के 7/12 और 8-अ के दस्तावेज और सर्वे नंबर जैसी जानकारी तैयार रखनी होगी। इसके अलावा, एक गारंटी पत्र भी देना होगा, जिसमें किसान को यह स्वीकार करना होगा कि वे तालाब की खुदाई अपने खर्च पर करेंगे और भविष्य में इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी स्वयं उठाएंगे। किसान तालाब के ऊपरी किनारे पर 3 मीटर तक का हिस्सा प्लास्टिक एंकरिंग (फिक्सिंग) के लिए गिन सकते हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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