Publish Date: Sun, 22 Mar 2026 (08:55 IST)
Updated Date: Sun, 22 Mar 2026 (08:57 IST)
गुजरात सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा वर्ग-1 (Class-1) अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण और सख्त परिपत्र जारी किया गया है। राज्य सरकार के ध्यान में आया था कि कई मामलों में अधिकारियों की सेवानिवृत्ति के अंतिम दिनों में अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़ी फाइलें भेजी जाती थीं, जिससे प्रशासनिक उलझनें और कानूनी समस्याएं उत्पन्न होती थीं। अब इस प्रथा पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री स्तर से स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी हो तो उसका प्रस्ताव सेवानिवृत्ति से कम से कम एक महीने पहले भेजना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य अंतिम समय में लिए जाने वाले जल्दबाजी के फैसलों और तकनीकी खामियों को रोकना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब अंतिम समय में फाइल भेजने की पुरानी प्रथा स्वीकार नहीं की जाएगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि यदि कार्रवाई शुरू करने या प्रस्ताव भेजने में देरी होती है तो उसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी। देरी के कारण यदि सरकार को किसी कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ता है या अनुशासनात्मक कार्रवाई रुक जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच की जाएगी।
विशेष और आपात मामलों में, जहां समय पर प्रस्ताव भेजना संभव न हो, वहां सेवानिवृत्ति से कम से कम पांच दिन पहले मुख्यमंत्री की अनुमति लेना आवश्यक होगा। इसके अलावा, यदि मंत्री और विभागाध्यक्ष के विचारों में मतभेद होता है, तो ऐसे मामलों को सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर निर्णय के लिए भेजा जाएगा।
इस निर्णय से प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन एवं अन्य लाभों से जुड़े विवादों में कमी आने की संभावना है। Edited by : Sudhir Sharma
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