Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

गुजरात के 38 लाख बच्चों को अब मिड-डे मील में मिलेगी 'मिलेट सुखड़ी', कुपोषण के खिलाफ सरकार का बड़ा फैसला

Advertiesment
Gujarat Mid Day Meal
Gujarat Mid-Day-Meal: गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के लगभग 38.50 लाख छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। वर्ष 1984 से कार्यरत मिड-डे मील योजना में अब पारंपरिक 'सुखड़ी' के स्थान पर ‘श्री अन्न (मिलेट) सुखड़ी’ देने का निर्णय लिया गया है। 'फिट इंडिया मूवमेंट' के अंतर्गत लिए गए इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर पौष्टिक आहार प्रदान करना और कुपोषण को जड़ से मिटाना है।

मिड-डे मील का नया साप्ताहिक नाश्ता मेनू

मुख्यमंत्री अल्पाहार योजना के तहत अब छात्रों को विविधतापूर्ण और संतुलित आहार मिलेगा। नए साप्ताहिक मेनू में मोटे अनाज (मिलेट्स) और हरी सब्जियों पर विशेष जोर दिया गया है:
  • सोमवार : मूंग चाट (मूंग, टमाटर और प्याज)
  • मंगलवार : वेजिटेबल पोहा (पोहा, आलू, मूंगफली और चुकंदर)
  • बुधवार : मिक्स दलहन चाट (मूंग, मोठ, चोला और चना)
  • गुरुवार : श्री अन्न सुखड़ी (मिलेट आटा, गुड़ और मूंगफली)
  • शुक्रवार : वेजिटेबल उपमा (रवा, मूंगफली और मिक्स सब्जियां)
  • शनिवार : वेजिटेबल पोहा (पोहा, मूंगफली और सब्जियां)

योजना के मुख्य उद्देश्य और वित्तीय भागीदारी

मिड-डे मील योजना के कार्यान्वयन में केंद्र सरकार की 75% और राज्य सरकार की 25% हिस्सेदारी है। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य गरीब छात्रों को स्कूलों की ओर आकर्षित करना, उनकी उपस्थिति बढ़ाना और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (Drop-out) बच्चों की संख्या में कमी लाना है। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर रसोइयों और सहायकों की नियुक्ति के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करना भी सरकार का एक महत्वपूर्ण गौण उद्देश्य है।

बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान

शिक्षा विभाग के इस कदम की स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सराहना की है। मिलेट आधारित आहार न केवल पाचन में सहायक है, बल्कि यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को भी बढ़ाता है। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में मिलने वाला यह मुफ्त और पौष्टिक भोजन बच्चों को ऊर्जा प्रदान करेगा, जिससे वे कक्षा की गतिविधियों में अधिक उत्साह के साथ भाग ले सकेंगे। इस आधुनिक बदलाव से राज्य के शैक्षणिक परिणामों में भी सकारात्मक सुधार की पूरी उम्मीद है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

LPG : अब रसोई से हटेगा लाल सिलेंडर! सरकार का नया फरमान, 3 महीने में करना होगा यह काम