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गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, अब सिर्फ वाहनों की टंकी में ही भरा जाएगा ईंधन

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Gujarat Petrol Diesel New Rule
gujarat petrol diesel news: राज्य में सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहों के जोर पकड़ने के बाद, गुजरात सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने 23 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नए नियम के अनुसार, अब से राज्य के किसी भी पेट्रोल पंप पर केवल वाहन की टंकी में ही पेट्रोल या डीजल भरा जा सकेगा। बैरल, डिब्बे (कैन) या बोतल जैसे किसी भी अन्य पात्र में ईंधन देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) और अनावश्यक जमाखोरी को रोकना है।

अफवाहों से फैला डर और सरकार की स्पष्टता

पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईंधन संकट की झूठी खबरें तेजी से फैली थीं, जिसके कारण वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर से तत्काल परिपत्र (सर्कुलर) जारी कर स्पष्ट किया गया है कि गुजरात में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी मुख्य डिपो और रिफाइनरियों द्वारा पेट्रोल पंपों पर नियमित रूप से आपूर्ति भेजी जा रही है, इसलिए नागरिकों को झूठी अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है।

जमाखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

सरकार ने इस मामले में जमाखोरों और कृत्रिम कमी पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। राज्य के नोडल अधिकारी द्वारा सभी कलेक्टरों, जिला आपूर्ति अधिकारियों और प्रमुख तेल कंपनियों को आदेश की प्रति भेज दी गई है। परिपत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई विक्रेता या पंप संचालक स्टॉक होने के बावजूद जानबूझकर कमी दिखाएगा, तो उसके खिलाफ 'आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955' के प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री द्वारा निरंतर निगरानी और समीक्षा

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल स्वयं राज्य में ईंधन और गैस की स्थिति की हर दो दिन में समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने जनता को आश्वासन दिया है कि किसी को भी लंबी कतारों में खड़े होने या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है कि प्रत्येक नागरिक को उनकी आवश्यकता के अनुसार ईंधन आसानी से मिलता रहे। उच्च अधिकारी और मंत्री लगातार तेल कंपनियों के संपर्क में हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में कोई बाधा न आए।

वैश्विक तनाव और ईरान पर ट्रम्प के दावे

एक तरफ जहां राज्य में अफवाहों का माहौल है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को अल्टीमेटम देने के बाद अब 'यू-टर्न' लेते हुए कहा है कि वे समझौता करना चाहते हैं। हालांकि, ईरान ने इसे तेल और गैस बाजार में लाभ उठाने के लिए ट्रम्प की ओर से फैलाई गई 'फेक न्यूज' करार दिया है। इस अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का असर स्थानीय स्तर पर न पड़े, इसके लिए गुजरात सरकार पहले से ही एहतियाती कदम उठा रही है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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