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बनासकांठा-बॉर्डर-राजकोट रेंज का विभाजन, जानें अब कौन सा जिला किस रेंज में आएगा?

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बनासकांठा रेंज का गठन
Banaskantha range formation: गुजरात के गृह विभाग ने राज्य के पुलिस प्रशासन में अधिक सुव्यवस्थित कामकाज और प्रभावी समन्वय के लिए बॉर्डर रेंज के विभाजन का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के अंतर्गत एक नई बनासकांठा रेंज का गठन किया गया है, जो राज्य के उत्तरी क्षेत्र के पुलिस प्रशासन को और अधिक मजबूत बनाएगी।

नई बनासकांठा रेंज का गठन और पाटन जिले का समावेश

नवनिर्मित बनासकांठा रेंज में बनासकांठा जिले के साथ-साथ वाव-थराद क्षेत्र और पाटन जिले को शामिल किया गया है। ये क्षेत्र सीमावर्ती और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होने के कारण, इनके सुचारू कामकाज के लिए एक अलग रेंज बनाने का निर्णय लिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस नई व्यवस्था से कानून-व्यवस्था के मुद्दों का तेजी से समाधान होगा और पुलिसिंग में अधिक कार्यक्षमता देखने को मिलेगी।

मोरबी जिले का बॉर्डर रेंज में हुआ तबादला

गृह विभाग के फैसले के मुताबिक, मोरबी जिले को अब बॉर्डर रेंज में स्थानांतरित कर दिया गया है। पिछली व्यवस्था में किए गए इस बदलाव के बाद, अब बॉर्डर रेंज के तहत पूर्वी कच्छ, पश्चिमी कच्छ और मोरबी जिलों को शामिल किया गया है। भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से इन तीनों जिलों के महत्व को देखते हुए इनके कामकाज का समन्वय अब एक ही रेंज के तहत किया गया है।

राजकोट रेंज की नई व्यवस्था

इसके अलावा, राजकोट रेंज की भी नई व्यवस्था घोषित की गई है। राजकोट रेंज में अब राजकोट ग्रामीण, जामनगर, देवभूमि द्वारका और सुरेंद्रनगर जिलों को शामिल किया गया है। इन बदलावों से संबंधित जिलों में पुलिस प्रशासन अधिक सुव्यवस्थित होगा और एकीकृत कामकाज को बढ़ावा मिलेगा।

पुलिस तंत्र में गति और कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद

गृह विभाग द्वारा किए गए इन बदलावों को राज्य के पुलिस तंत्र को मजबूत करने और जिलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। नई रेंज के गठन और जिलों के इस पुनर्गठन से पुलिसिंग में गति, जवाबदेही और कार्यक्षमता में बड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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