Publish Date: Sat, 28 Feb 2026 (20:39 IST)
Updated Date: Sat, 28 Feb 2026 (20:43 IST)
Inauguration of Sanand Semiconductor Plant: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में गुजरात के दौरे पर हैं, जहां वे राज्य को करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात दे रहे हैं। साणंद पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने हेलीपैड से माइक्रोन कंपनी तक एक भव्य रोड-शो का आयोजन किया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में लोग पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। रोड-शो के उत्साहपूर्ण वातावरण के बाद प्रधानमंत्री ने साणंद में नवनिर्मित अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर सुविधा का निरीक्षण और उद्घाटन किया।
22,516 करोड़ की लागत के माइक्रोन प्लांट का उद्घाटन
पीएम मोदी ने साणंद में लगभग 22,516 करोड़ की भारी लागत से तैयार माइक्रोन सेमीकंडक्टर ATMP (असेम्बली, टेस्ट, मार्किंग और पैकेजिंग) प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया है। इस प्रोजेक्ट को उद्योग जगत के लिए 'गेम चेंजर' माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने प्लांट का दौरा कर वहां की तकनीक और कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा की, जो भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर मजबूत स्थिति प्रदान करेगी।
अधिकारियों के साथ समीक्षा और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
साणंद प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ने लगभग डेढ़ घंटे का समय बिताकर प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी लक्ष्यों पर चर्चा की। इस हाई-प्रोफाइल यात्रा को ध्यान में रखते हुए पूरे साणंद क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।
2023 में शिलान्यास और 2026 में उद्घाटन
उल्लेखनीय है कि माइक्रोन कंपनी के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शिलान्यास वर्ष 2023 में खुद पीएम मोदी के हाथों किया गया था। मात्र तीन साल की छोटी अवधि में, यानी वर्ष 2026 में यह प्लांट पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। अब यहाँ सेमीकंडक्टर चिप बनाने का काम शुरू होगा। इस प्लांट के माध्यम से लगभग 5,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है, जो स्थानीय युवाओं के लिए वरदान साबित होंगे।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत बनेगा 'आत्मनिर्भर'
विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्लांट न केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत के लिए एक तकनीकी क्रांति के समान है। माइक्रोन टेक्नोलॉजी की इस यूनिट के लोकार्पण के साथ भारत सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाएगा। इस पहल से गुजरात वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक मजबूत हब के रूप में उभरेगा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala