Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 (19:53 IST)
Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 (19:57 IST)
गुजरात में गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गांधीनगर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त मुख्य सचिव मोना खंधार ने स्पष्ट किया कि राज्य में घरेलू LPG सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और बफर स्टॉक में भी लगातार वृद्धि की जा रही है। किसी भी नागरिक को गैस से संबंधित समस्या होने पर सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1800-232-0222 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
PNG और LPG दोनों कनेक्शन वालों के लिए महत्वपूर्ण समय सीमा
सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिन उपभोक्ताओं के पास PNG (पाइपलाइन गैस) और LPG (सिलेंडर) दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें आगामी बुधवार तक अपना LPG कनेक्शन अनिवार्य रूप से सरेंडर करना होगा। यह कदम गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और जरूरतमंदों को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है। वर्तमान में सरकार द्वारा घरेलू और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को LPG से PNG में बदलने की प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है।
गैस आपूर्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि और नई कनेक्शन नीति
राज्य में गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार ने सामान्य आपूर्ति में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि की है। जिन क्षेत्रों में अभी तक PNG नेटवर्क नहीं पहुंचा है, वहां 70 प्रतिशत की सीमा में नए LPG कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, सामाजिक जिम्मेदारी के तहत एक वर्ष से निरंतर भोजन सेवा प्रदान करने वाले धार्मिक संस्थानों को भी 10 प्रतिशत की सीमा के भीतर व्यावसायिक गैस कनेक्शन देने की अनुमति दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केरोसिन का आवंटन और वैकल्पिक व्यवस्था
अतिरिक्त विकल्प के रूप में सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में केरोसिन वितरण की व्यवस्था भी शुरू की है। केंद्र सरकार से प्राप्त 14.52 लाख लीटर केरोसिन में से प्रत्येक जिले को 36 हजार लीटर जत्था आवंटित किया गया है। इस व्यवस्था के तहत जरूरतमंद परिवारों को 5 लीटर और संस्थानों को 25 लीटर केरोसिन आवंटित किया जाएगा, ताकि ईंधन की कमी का सामना कर रहे क्षेत्रों को राहत मिल सके।
संस्थानों और व्यावसायिक इकाइयों के लिए गैस आवंटन के नए नियम
व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए भी सरकार ने स्पष्ट नीति घोषित की है। अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसी अत्यंत आवश्यक सेवाओं को 100 प्रतिशत आपूर्ति दी जाएगी, जबकि फार्मा, डेयरी और रेलवे कैंटीन जैसी सेवाओं को 70 प्रतिशत आपूर्ति मिलेगी। होटल, रेस्तरां और कॉर्पोरेट कैंटीन जैसी अर्ध-आवश्यक सेवाओं के लिए 10 प्रतिशत की सीमा (Cap) के साथ कमर्शियल गैस उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आर्थिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहें।
गैस वितरण पर सख्त निगरानी और प्रशासनिक कार्रवाई
अंत में, गैस वितरण में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रत्येक गैस एजेंसी पर राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। पिछले 12 दिनों में राज्य भर में कई स्थानों पर जांच की गई है और कड़ी निगरानी रखी जा रही है। शहरी क्षेत्रों में गैस की कमी न हो, इसके लिए LPG डिलीवरी वैन को दिन के समय भी आवाजाही करने की विशेष छूट दी गई है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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