Publish Date: Fri, 03 Apr 2026 (18:59 IST)
Updated Date: Fri, 03 Apr 2026 (19:02 IST)
Porbandar liquor permission: गुजरात में दशकों से लागू सख्त शराबबंदी के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। महात्मा गांधी की जन्मस्थली पोरबंदर में अब होटलों में शराब की बिक्री की आधिकारिक अनुमति दे दी गई है। गिफ्ट सिटी के बाद इस निर्णय को राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब तक पोरबंदर के होटलों में ऐसी कोई सुविधा नहीं थी, जिसके कारण पर्यटकों को अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही परमिट धारकों को शराब उपलब्ध हो सकेगी।
पर्यटन और आर्थिक विकास को गति देने का उद्देश्य
सरकार के अनुसार, इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देना है। आज के समय में पर्यटक उन स्थानों को पसंद करते हैं, जहां उन्हें सभी आधुनिक सुविधाएं एक साथ मिल सकें। पोरबंदर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और राज्यमंत्री अर्जुन मोढवाडिया का गृह नगर है, ऐसे में इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को तेज करने के उद्देश्य से होटलों में शराब परोसने की अनुमति दी गई है।
होटलों के लिए लाइसेंस और पहली मंजूरी
गुजरात गृह विभाग ने पोरबंदर की चौपाटी पर स्थित प्रसिद्ध 3-स्टार बिजनेस होटल 'लॉर्ड्स इन' को आधिकारिक तौर पर शराब का लाइसेंस आवंटित कर दिया है। यह होटल अब अपने परिसर में एक समर्पित वाइन शॉप चला सकेगा। हालांकि, यह सुविधा केवल अधिकृत परमिट धारकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए ही उपलब्ध होगी। अन्य होटल भी नियमों का पालन करके आने वाले समय में इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।
कड़ी निगरानी और सुरक्षा के नियम
शराब की बिक्री के लिए सरकार ने सख्त नियमावली तैयार की है। जिला शराबबंदी समिति और कलेक्टर द्वारा लाइसेंस की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि होटल के पास कोई शैक्षणिक या धार्मिक संस्थान न हो। दुकान पर निरंतर निगरानी रखने के लिए एक विशेष पुलिस उप-निरीक्षक (PSI) की नियुक्ति की जाएगी, ताकि सभी लेनदेन पर सरकार की सीधी नजर बनी रहे।
गांधीवादी विचारधारा और विरोध के स्वर
सरकार के इस फैसले के खिलाफ राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध भी देखने को मिल रहा है। कांग्रेस पार्टी ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना की है। गांधीवादी विचारक डॉ. सुर्खाबेन शाह ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि जिस धरती पर पूज्य बापू का जन्म हुआ, वहां शराब की बिक्री की अनुमति देना उचित नहीं है। महात्मा गांधी का पैतृक घर आज भी पोरबंदर में स्थित है और उनकी विचारधारा में शराबबंदी का विशेष महत्व रहा है, जिससे यह निर्णय चर्चा का विषय बन गया है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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