Publish Date: Tue, 10 Mar 2026 (18:41 IST)
Updated Date: Tue, 10 Mar 2026 (18:45 IST)
shortage of commercial gas: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध जैसे हालात का सीधा असर अब गुजरात में देखने को मिल रहा है। राज्य के कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई में भारी रुकावट आई है। इस किल्लत के कारण होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और नमकीन (फरसाण) कारखानों के रोजाना के कामकाज पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिससे व्यापारियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
बड़े शहरों में स्थिति चिंताजनक
गैस की कमी के कारण वडोदरा और सूरत जैसे बड़े शहरों में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। वडोदरा में लगभग 36 गोदाम पूरी तरह से खाली हो चुके हैं और रोजाना आने वाले दो ट्रक गैस की जगह मुश्किल से एक ट्रक ही मिल पा रहा है। दूसरी ओर, सूरत में गैस प्लांट के बाहर डिस्ट्रीब्यूटर्स की गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। सूरत के करीब 67 डिस्ट्रीब्यूटर्स को पिछले दो दिनों से गैस का स्टॉक नहीं मिलने के कारण औद्योगिक और कमर्शियल इकाइयों की सप्लाई ठप हो गई है।
यह संकट केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, कच्छ जिले में भी कमर्शियल सिलेंडर की कमी होने से कई रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, सरकार ने इंडस्ट्रियल गैस सप्लाई में लगभग 50 प्रतिशत और डेयरी तथा फर्टिलाइजर उद्योगों की गैस सप्लाई में 40 प्रतिशत तक की कटौती की है। इस सप्लाई कटौती का सीधा असर डेयरी और अन्य उद्योगों के दैनिक उत्पादन पर पड़ रहा है।
क्या कहते हैं राज्य सरकार के मंत्री?
इस पूरे मामले में राज्य के कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल ने स्पष्ट किया है कि सरकार की पहली प्राथमिकता घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को बनाए रखना है, ताकि राज्य में किसी भी घर का चूल्हा बंद न हो। उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस पर कोई आधिकारिक कटौती नहीं की गई है, लेकिन औद्योगिक उपयोग को नियंत्रित किया गया है। जब तक मध्य पूर्व की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक होटल और खाद्य उद्योगों के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है।
Edited by: vrijendra Singh Jhala