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हंता वायरस क्या है? लक्षण, फैलने का तरीका और बचाव के जरूरी उपाय

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Hanta virus
Hantavirus: 5 मई को, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि उसे एक लग्जरी क्रूज जहाज पर बहुत करीबी संपर्क में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हंता वायरस के संचरण के कई मामलों का संदेह है, जिसमें 3 मौतों सहित 7 पुष्ट या संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं। यह खबर वायरल होने के बाद लोग हंता वायरस के बारे में सर्च करने लगे हैं। चलिए जानते हैं कि यह वायरस क्या है, कैसे फैलता और क्या है इससे बचने के उपाय। 

क्या है हंता वायरस?

हंता या हंटा वायरस मुख्य रूप से चूहों और गिलहरियों के जरिए फैलने वाला एक गंभीर वायरस है। यह कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन समय-समय पर इसके मामले सामने आते रहते हैं। यह वायरस इंसान के फेफड़ों और गुर्दों पर सीधा हमला करता है।
 

1. यह कैसे फैलता है? (Sancharan)

यह वायरस हवा के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता (कोविड-19 की तरह)। इसके फैलने के मुख्य तरीके ये हैं:
सांस के जरिए: जब चूहों का सूखा मल, मूत्र या लार हवा में बारीक कणों के रूप में मिल जाते हैं और इंसान उस हवा में सांस लेता है।
सीधा संपर्क: संक्रमित चूहे के मल-मूत्र को छूने के बाद अपनी नाक, मुंह या आंखों को छूना।
काटना: यदि कोई संक्रमित चूहा इंसान को काट ले (यह बहुत दुर्लभ है)।
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2. मुख्य लक्षण (Symptoms)

इसके लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ़्तों का समय लग सकता है। इसे दो चरणों में समझा जा सकता है:
शुरुआती लक्षण (फ्लू जैसे): बुखार, अत्यधिक थकान, मांसपेशियों में दर्द (विशेषकर कूल्हों, पीठ और कंधों में), सिरदर्द, चक्कर आना और पेट दर्द।
गंभीर लक्षण (फेफड़ों पर असर): 4-10 दिनों के बाद फेफड़ों में पानी भर जाना, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, तेज खांसी और सीने में जकड़न। इसे 'हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम' (HPS) कहा जाता है।
 

3. हंता वायरस के दो मुख्य रूप

HPS (Hantavirus Pulmonary Syndrome): यह मुख्य रूप से अमेरिका में पाया जाता है और फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसकी मृत्यु दर लगभग 38% है।
HFRS (Hemorrhagic Fever with Renal Syndrome): यह मुख्य रूप से यूरोप और एशिया में पाया जाता है और यह गुर्दों (Kidneys) को प्रभावित करता है।

4. बचाव के उपाय (Prevention)

हंता वायरस से बचने का सबसे प्रभावी तरीका चूहों से दूरी बनाए रखना है:
घर की सफाई: चूहों के छिपने की जगहों को सील करें और घर में साफ-सफाई रखें।
सफाई का तरीका: चूहों के मल-मूत्र वाली जगह पर सीधी झाड़ू न लगाएं (इससे धूल उड़ती है)। सफाई से पहले वहां कीटाणुनाशक (Disinfectant) या ब्लीच का छिड़काव करें और मास्क पहनें।
भोजन की सुरक्षा: अपने खाने-पीने की चीजों को ढककर रखें ताकि चूहे उन तक न पहुंच सकें।
 
महत्वपूर्ण बात: अच्छी खबर यह है कि हंता वायरस आम तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस बात पर ज़ोर देता है कि मनुष्यों से मनुष्यों में संक्रमण होना बहुत दुर्लभ है। एजेंसी यह भी पुष्टि करती है कि आम जनता के लिए जोखिम कम है, क्योंकि हंतावायरस मुख्य रूप से कृन्तकों से मनुष्यों में फैलता है।
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि दुनिया भर में हर साल हंतावायरस के 10,000 से 100,000 मामले दर्ज किए जाते हैं। अर्जेंटीना अमेरिका महाद्वीप के उन देशों में से एक है जहां सबसे अधिक मामले हैं, और यहां मृत्यु दर लगभग 32% है, जो वैश्विक औसत से अधिक है।

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