Publish Date: Tue, 03 Mar 2026 (13:12 IST)
Updated Date: Tue, 03 Mar 2026 (14:16 IST)
Dhulandi 2026: धुलेंडी (होली) का त्योहार खुशियों का प्रतीक है, लेकिन जिन घरों में हाल ही में किसी प्रियजन का निधन हुआ हो (गमी वाला घर), वहां का माहौल शोकपूर्ण होता है। हिंदू परंपराओं के अनुसार, गमी वाले घर में होली के दिन कुछ विशेष कार्यों द्वारा शुद्धि और सांत्वना दी जाती है। यहाँ वे 3 मुख्य कार्य दिए गए हैं जो धुलेंडी पर गमी वाले घर जाकर करने चाहिए।
1. शोक समाप्त करने की रस्म (रंग डालना)
गमी वाले घर में त्योहार नहीं मनाया जाता, इसलिए समाज या परिवार के बुजुर्ग वहां जाकर 'शोक तोड़ने' की रस्म निभाते हैं।
कार्य: मृतक के परिवार के सदस्यों के चेहरे पर हल्का सा गुलाल या रंग लगाएँ।
महत्व: यह इस बात का संकेत होता है कि अब शोक का समय समाप्त हुआ और परिवार को फिर से सामान्य जीवन और खुशियों की ओर लौटना चाहिए।
2. गंगाजल का छिड़काव और शुद्धि
धार्मिक दृष्टि से सूतक या शोक की अवधि के बाद घर की आध्यात्मिक शुद्धि आवश्यक मानी जाती है।
कार्य: अपने साथ गंगाजल लेकर जाएँ और घर के मुख्य द्वार या बैठक में उसका हल्का छिड़काव करें।
महत्व: गंगाजल को परम पवित्र माना गया है। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण में सात्विकता आती है।
3. सांत्वना और सामूहिक भोजन (भेंट)
शोक संतप्त परिवार अक्सर त्योहार पर पकवान नहीं बनाता, इसलिए पड़ोसियों और रिश्तेदारों का कर्तव्य उन्हें अकेला न छोड़ना है।
कार्य: घर से बनी हुई कोई सात्विक मिठाई या फल लेकर जाएँ और उनके साथ बैठकर कुछ समय बिताएँ।
महत्व: गमी वाले घर में जाकर प्रेमपूर्वक बात करना और उन्हें यह अहसास दिलाना कि समाज उनके साथ है, सबसे बड़ी मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि है।
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बात:
गमी वाले घर में जाते समय बहुत अधिक शोर-शराबा, हुड़दंग या तेज संगीत से बचना चाहिए। मर्यादा और शालीनता के साथ ही इन कार्यों को संपन्न करना उचित रहता है।