Jupiter's transit in Cancer in 2026: नए वर्ष 2026 में बृहस्पति ग्रह का 3 राशियों में गोचर रहेगा। वर्ष की शुरुआत में बृहस्पति ग्रह मिथुन राशि में 2 जून तक रहेंगे इसके बाद अपनी उच्च की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे और अंत में 31 अक्टूबर 2026 तक कर्क में रहने के बाद वे सिंह राशि में गोचर करेंगे। इसके चलते कर्क, वृश्चिक, मकर और मीन के लिए यह गोचर शुभ रहेगा लेकिन 3 राशियों को रहना होगा संभलकर।
तुला राशि:आपकी कुंडली के दसवें भाव में बृहस्पति का गोचर शुभ नहीं माना जा सकता क्योंकि यह शनि का घर है और यहां पर बृहस्पति नीच के हो जाते हैं। कर्क राशि में होने के बावजूद बृहस्पति यहां शुभ नहीं माने गए हैं। लाल किताब के अनुसार यह शापित माने गए हैं। इसके चलके गोचर के कारण कार्यक्षेत्र में अचानक से बदलाव या तनाव की स्थिति आ सकती है। इस दौरान खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बचत करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए कार्यक्षेत्र में सावधानी से कार्य करें और गुरु के उपाय करें।
धनु राशि: आपकी कुंडली के अष्टम भाव में बृहस्पति रहेंगे जो अचानक से लाभ या हानि दे सकते हैं। यहां के बृहस्पति की गारंटी नहीं कि वे शुभ होंगे या अशुभ। सेहत का ध्यान रखना होगा और कार्यक्षेत्र में भी जिम्मेदारी से काम करना होगा। हालांकि पैतृत संपत्ति से लाभ मिल सकता है। यदि शनि और मंगल खराब हो तो बृहस्पति भी खराब असर देगा।
कुंभ राशि: आपकी कुंडली के छठे भाव में बृहस्पति का गोचर शुभ नहीं माना जा सकता। यह भाव बुध का है। जैसा मंगल और बुध होगा वैसी गुरु की स्थिति होगी। सेहत का ध्यान रखना होगा। गुरु के उपाय करने से लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा हैं तो वाणी पर संयम रखकर काम लें और कारोबारी हैं तो चालाकी से काम लें। लेन देन करते वक्त ध्यान रखें।