Mesh rashifal 2025: मेष राशि जातकों के लिए साढ़ेसाती का प्रारंभ 29 मार्च 2025 से ही हो चला था। वर्तमान में वर्ष 2026 में भी इस का प्रभाव रहेगा। मेष राशि के 12वें भाव और मीन राशि में शनि के होने से साढ़ेसाती का प्रथम चरण प्रारंभ हुआ था। यह साढ़ेसाती 2032 तक रहेगी। वार्षिक राशिफल के अनुसार साढ़ेसाती के प्रथम चरण का सीधा असर जातक की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। धन हानि या फिजूलखर्ची बढ़ सकती है। इसी के साथ ही नए कार्यों में विलंब और आर्थिक निवेश में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। चलिए जानते हैं इससे बचने के 5 अचूक उपाय।
1. पांच शनिवार छाया दान: एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरें। शनिवार की सुबह उसमें अपना चेहरा देखें और फिर तेल सहित उस कटोरी को शनि मंदिर में दान कर दें या किसी डाकौत को दे दें। यह आपके कष्टों को सोख लेता है।
2. हनुमान चालीसा का पाठ: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वे उनके भक्तों को कभी परेशान नहीं करेंगे। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। मंगलवार और शनिवार को चमेली के तेल का दीपक जलाकर सिंदूर अर्पित करें। इसी के साथ ही गुड़, चना, चिरोंजी और मसूर की दाल अर्पित करें।
3. मानवता की सेवा: कम से कम 10 दृष्टिबाधित (अंधे) लोगों को भोजन या नाश्ता कराएं। इसी के साथ ही आपके घर या ऑफिस में काम करने वाले सफाईकर्मी, मजदूर या ऑफिस कार्य कर्मचारी से मधुर व्यवहार रखें और समय-समय पर उन्हें धन या कपड़ों का दान करें। इनकी दुआएं शनि के दंड को आशीर्वाद में बदल देती हैं।
4. पीपल पूजा: प्रत्येक शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करें।
5. कौवे को रोटी खिलाएं: कौवे को प्रतिदिन रोटी खिलाएं क्योंकि यह शनिदेव का वाहन और पितरों का प्रतिनिधि है।