बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं पर अत्याचार जारी है। आए दिन वहां अल्पसंख्यकों की हत्याएं हो रही हैं। लेकिन अब यूनुस सरकार ने अपनी ही पोल खोल दी है। दरअसल, बांग्लादेश में हिंसा को लेकर यूनुस सरकार ने पिछले साल की घटनाओं को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है।
बता दें कि इस रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पिछले साल हिंदुओं के खिलाफ 645 घटनाएं घटी थी और हिंसा में करीब 3500 लोगों की जानें गई। बता दें कि पिछले दो महीने में ही 10 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। सोमवार को यूनुस सरकार ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई है। इस रिपोर्ट से बांग्लादेश सरकार का हिंसा को लेकर भयावह चरित्र सामने आया है। हालांकि इस रिपोर्ट में यह दावा किया है कि 2025 में बांग्लादेश में हुए ज्यादातर क्राइम नॉन-कम्युनल और कॉमन क्राइम हैं। इन अपराधों का धर्म से कोई लेना देना नहीं है।
कम्युनल एलिमेंट्स निकले
रिपोर्ट में कहा गया है कि नतीजों से पता चलता है कि 71 घटनाओं में कम्युनल एलिमेंट्स की पहचान की गई, जबकि 574 घटनाओं को नॉन-कम्युनल नेचर का माना गया। कम्युनल घटनाओं में मुख्य रूप से धार्मिक जगहों और मूर्तियों में तोड़-फोड़ या उनका अपमान शामिल था, साथ ही कुछ दूसरे क्राइम भी थे।
हर साल औसत 3,000-3,500 लोगों की मौत
वहीं दूसरी तरफ रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि जनवरी से दिसंबर 2025 तक ऑफिशियल पुलिस रिकॉर्ड के एक साल की समीक्षा में अल्पसंख्यकों के सदस्यों से जुड़ी 645 घटनाएं हुई हैं, जिन्हें देश भर में वेरिफाइड FIR इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट, जनरल डायरी, चार्जशीट और इन्वेस्टिगेशन अपडेट से इकट्ठा किया गया है। इसके साथ ही रिपोर्ट में स्वीकार किया गया है कि हर साल, देश भर में हिंसा में हर साल औसत 3,000-3,500 लोगों की जान जाती हैं।
645 घटनाएं अल्पसंख्यकों के खिलाफ
युनूस सरकार की प्रेस विंग की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश अपराध का सामना ट्रांसपेरेंसी, एक्यूरेसी और सॉल्यूशन के साथ करने के लिए कमिटेड है। जनवरी से दिसंबर 2025 तक ऑफिशियल पुलिस रिकॉर्ड के एक साल के रिव्यू में माइनॉरिटी कम्युनिटी के सदस्यों से जुड़ी 645 घटनाओं का डॉक्यूमेंटेशन किया गया है।
कम्युनल नहीं, क्रिमिनल नेचर
रिपोर्ट में कहा गया कि हर घटना चिंता की बात है, लेकिन डेटा एक साफ और सबूतों पर आधारित तस्वीर दिखाता है। ज्यादातर मामले कम्युनल के बजाय क्रिमिनल नेचर के थे, जो लॉ एंड ऑर्डर की चुनौतियों की कॉम्प्लेक्सिटी और पब्लिक डिस्कशन को डर या गलत जानकारी के बजाय फैक्ट्स पर आधारित करने की इंपॉर्टेंस, दोनों को दिखाता है।
क्या है हिंसा की वजह
इसके उलट, माइनॉरिटी लोगों या प्रॉपर्टी पर असर डालने वाली ज्यादातर घटनाएं धर्म से अलग क्रिमिनल एक्टिविटी की वजह से होती हैं, जिसमें पड़ोस के झगड़े, जमीन के झगड़े, पॉलिटिकल दुश्मनी, चोरी, सेक्सुअल वायलेंस और पहले की पर्सनल दुश्मनी से जुड़े मामले शामिल हैं। यह फर्क करना जरूरी है।
हिंसा में 3,500 लोगों की गई जान
रिपोर्ट में कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश को अभी भी गंभीर लॉ-एंड-ऑर्डर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हर साल देश भर में एवरेज लगभग 3,000-3,500 लोग हिंसक क्राइम में अपनी जान गंवा देते हैं। यह कोई गर्व करने लायक नंबर नहीं है। हर जान का नुकसान एक दुखद घटना है। रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि मौजूद इंडिकेटर बताते हैं कि बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है।
Edited By: Navin Rangiyal