Bangladesh Violence : हिन्दू युवक को मुस्लिम दोस्त ने दिनदहाड़े मारी गोली, बांग्लादेश में क्यों नहीं रुक रहे अल्पसंख्यकों पर हमले
ढाका , मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 (17:32 IST)
पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार जारी है। 29 दिसंबर को देर शाम भी एक हिन्दू युवक की हत्या कर दी गई। दो हफ्तों में यह तीसरी हत्या का मामला है। कुछ दिनों पहले ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर जान ले ली थी। मीडिया खबरों के मुताबिक बांग्लादेश के ग्रामीण अर्धसैनिक बल के सदस्य बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
गोली मारने का आरोप बिस्वास के ही साथी नोमान मियां पर है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बजेंद्र बिस्वास मैमनसिंह जिले में एक गारमेंट की फैक्टरी के अंदर सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी कर रहा था, तभी उसके साथी ने उसे गोली मार दी। बड़ी बात यह है कि हत्या उसी मैमन सिंह में हुई है, जहां दीपू चन्द्र दास की की हत्या कर लाश पेड़ से लटकाकर जला दी गई थी।
मीडिया खबरों के मुताबिक पुलिस और चश्मदीदों ने बताया कि दोनों आदमी फैक्टरी में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर तैनात थे और परिसर के अंदर अंसार बैरक में रह रहे थे। नोमान मियां ने कथित तौर पर मजाक में या हल्के-फुल्के अंदाज में बिस्वास पर सरकारी शॉटगन तान दी। कुछ ही देर बाद हथियार से गोली चल गई, और गोली बिस्वास की बाईं जांघ में जा लगी। गोली लगने के बाद बिस्वास को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
दीपू दास की हत्या के बाद स्थिति गंभीर
बजेंद्र बिस्वास की मौत के बाद बांग्लादेश में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहां की हालात पहले से ही संवेदनशील हैं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसात्मक घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। 18 दिसंबर को दीपू दास की हत्या के बाद भी स्थिति गंभीर हो गई थी। उस समय भारत में भी इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई गई थी। पिछले एक साल में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और हिंसा के मामले काफी बढ़े हैं। ये घटनाएं वहां की सामाजिक और धार्मिक स्थिति को और अस्थिर कर रही हैं। Edited by: Sudhir Sharma
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