Violence in Bangladesh after Hadis death: बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा और प्रदर्शनों की चपेट में है। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की सनसनीखेज हत्या के बाद पूरे देश में तनाव व्याप्त है। इस घटना ने न केवल आंतरिक कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि एक बार फिर भारत विरोधी भावनाओं को हवा दे दी है। उपद्रवियों ने चटगांव स्थित भारतीय राजनयिक मिशन को भी बनाया गया है। जगह-जगह पर प्रदर्शन हो रहे हैं और भारत विरोधी नारे भी लगाए जा रहे हैं।
दरअसल, गत शुक्रवार को मोतीझील के 'पुराना पलटन' इलाके में 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। हादी बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे। हादी को जिस समय गोली मारी गई वह एक मस्जिद से नमाज पढ़कर निकल रहे थे।
भारतीय मिशन पर पथराव : हादी की मौत के बाद भड़की भीड़ ने अपना गुस्सा चटगांव स्थित भारतीय राजनयिक मिशन पर निकाला, जहां पत्थरबाजी की खबरें आई हैं। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के प्रमुख अखबारों 'डेली स्टार' और 'प्रथम आलो' के दफ्तरों को भी निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि ये मीडिया संस्थान भारत और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थक हैं।
अखबारों के दफ्तरों पर हमले : हमले के दौरान 'डेली स्टार' के दफ्तर में 25 पत्रकार फंस गए थे, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया। इस पूरे विवाद के केंद्र में फैसल करीम मसूद नाम का शख्स है, जिसे मुख्य शूटर बताया जा रहा है। हादी के समर्थकों का दावा है कि हत्या के बाद मसूद ने भारत में शरण ले ली है। पुलिस ने सिब्योन दिउ और संजय चिशिम नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने मुख्य आरोपी फैसल और उसके साथी आलमगीर शेख को भारतीय सीमा पार कराने में मदद की। ढाका की अदालत ने इन दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर भेज दिया है।
बांग्लादेश में फिलहाल कट्टरपंथी तत्वों के बढ़ते प्रभाव के बीच यह घटना आग में घी डालने का काम कर रही है। हादी समर्थकों का सीधा आरोप है कि इस कत्ल के पीछे शेख हसीना के वफादार लोग शामिल हैं। आरोपियों के भारत भाग जाने की खबरों ने भारत विरोधी नैरेटिव को और मजबूत कर दिया है, जिससे सीमावर्ती सुरक्षा और दोनों देशों के रिश्तों पर दबाव बढ़ गया है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala