Awami League on Bangladesh Violence: बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा देश के हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं। इस बीच, अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने एक स्टेटमेंट जारी कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी दी है कि कट्टरपंथी इस्लामवादी सड़कों पर 'आतंक' का नंगा नाच कर रहे हैं। यदि इसमें दखल नहीं दिया गया गया तो बांग्लादेश का खौफनाक अंत हो जाएगा। ताजा हालात बता रहे हैं कि इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान बढ़ती लिंचिंग, अल्पसंख्यकों पर हमले और राजनीतिक विरोधियों के दमन पर चुप्पी तोड़ते हुए अवामी लीग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी कठघरे में खड़ा किया है। टघरे में खड़ा किया है। अवामी लीग ने एक आधिकारिक बयान (Statement) जारी कर वैश्विक लोकतांत्रिक शक्तियों को आगाह किया है कि बांग्लादेश में उदारवाद और धर्मनिरपेक्षता की जड़ें काटी जा रही हैं। फरवरी 2026 में प्रस्तावित चुनावों से पहले मतदाताओं को डराने के लिए खुलेआम हिंसा की जा रही है। यदि दुनिया तमाशा देखती रही, तो बांग्लादेश में वोट 'मर्जी से नहीं, बल्कि बंदूक की नोक पर' डाले जाएंगे।
भारत विरोधी रुख : अवामी लीग ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वर्तमान शासन विरोधियों को चुप कराने के लिए एक खास 'प्रोपेगेंडा' का इस्तेमाल कर रहा है। जो कोई भी शांति, लोकतंत्र या मानवीय अधिकारों की बात करता है, उसे तुरंत 'भारत समर्थक' घोषित कर दिया जाता है। इस टैग के सहारे लोगों को भीड़ का निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उदारवादी सोच रखने वाले लोग अपनी जान बचाने के लिए छिपने को मजबूर हैं।
अवामी लीग ने सीधे तौर पर अमेरिका और पश्चिमी देशों की दोहरी नीति पर प्रहार किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि एक तरफ दुनिया मानवाधिकारों की बात करती है, लेकिन बांग्लादेश में हो रही लिंचिंग और हिंदुओं के नरसंहार पर खामोश है। वैश्विक शक्तियां मोहम्मद यूनुस का 'कवच' बनकर उन्हें बचा रही हैं, जबकि उनके राज में कट्टरपंथियों को खुली छूट मिली हुई है।
हादी सुपुर्दे खाक : बांग्लादेश में हाल ही में मारे गए युवा नेता शरीफ उस्मान हादी को आज सुपुर्दे खाक किया गया। यह घटना एक बड़े राजनीतिक प्रदर्शन में तब्दील हो गई, जिससे पूरे देश में तनाव और सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हादी का जनाजा ढाका के मानिक मियां एवेन्यू (संसद भवन के दक्षिण प्लाजा) में जोहर की नमाज के बाद हुआ। इसमें लाखों की संख्या में समर्थक और छात्र शामिल हुए।
हादी के परिवार की इच्छा और सरकार के फैसले के अनुसार, उन्हें ढाका विश्वविद्यालय के परिसर में बांग्लादेश के राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के बगल में दफनाया गया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस ने 20 दिसंबर को एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। हादी उस छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे, जिसने शेख हसीना की सरकार को उखाड़ फेंका था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala