Ayatollah Ali Khamenei News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी के बाद अमेरिकी हमले के खतरे को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई राजधानी तेहरान के एक बंकर में छिप गए हैं। खबरों के अनुसार, इस बंकर को युद्धकालीन सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह किले की तरह तैयार किया गया है। खामेनेई के तीसरे बेटे मसूद खामेनेई अब उनके कार्यालय के दैनिक कामकाज को संभाल रहे हैं। खामेनेई का बंकर बहुत मजबूत है। इसमें तेहरान के नीचे आपस में कई सुरंगे जुड़ी हुई हैं। हालांकि ईरान ने अभी इस खबर की पुष्टि नहीं की है।
खबरों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी के बाद अमेरिकी हमले के खतरे को देखते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई राजधानी तेहरान के एक बंकर में छिप गए हैं। खबरों के अनुसार, इस बंकर को युद्धकालीन सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह किले की तरह तैयार किया गया है।
खामेनेई के तीसरे बेटे मसूद खामेनेई अब उनके कार्यालय के दैनिक कामकाज को संभाल रहे हैं। खामेनेई का बंकर बहुत मजबूत है। इसमें तेहरान के नीचे आपस में कई सुरंगे जुड़ी हुई हैं। हालांकि ईरान ने अभी इस खबर की पुष्टि नहीं की है।
यह जानकारी ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की रिपोर्टों के बीच आई है। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका का जहाजी बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। ईरान ने इसी महीने ईरान में जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने खामेनेई के नेतृत्व वाली ईरानी शासन को खुली धमकी दी थी।
ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनों को कुचलने के लिए ताकत का इस्तेमाल करती है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा कि वे ईरान पर नजर रख रहे हैं। इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी कार्ड कोर्ट के कमांडर ने शनिवार को कहा कि IRGC पहले से कहीं ज्यादा तैयार है और इसकी उंगली ट्रिगर पर है। ईरान की युद्ध जैसी चेतावनियां और खामेनेई के अंडरग्राउंड जाने की खबरें, इन सबने संकेत दिया है कि मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बेहद नाजुक मोड़ पर है।
सत्ता हस्तांतरण को लेकर चल रही अटकलें अगर सच साबित होती हैं, तो यह ईरान की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय समीकरणों में बड़े बदलाव का संकेत हो सकती हैं। सैन्य तनाव के बीच ईरान में आंतरिक अशांति बढ़ती जा रही है। आर्थिक संकट और रियाल के गिरते मूल्य के कारण दिसंबर के अंत में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जो पूरे देश में फैल गए।
Edited By : Chetan Gour