बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया घटना में 23 वर्षीय हिन्दू युवक, चंचल भौमिक की अत्यंत क्रूरता से हत्या कर दी गई। मीडिया खबरों के मुताबिक उपद्रवियों ने चंचल को एक गैरेज के अंदर बंद कर जिंदा जला दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मीडिया खबरों के मुताबिक चंचल कुमिल्ला जिले का रहने वाला था और नरसिंदी में एक गैराज में काम करते हुए वहीं रह रहा था।
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिन्दू आबादी के खिलाफ हिंसा, आगजनी और हत्या की घटनाओं में तेजी आई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने फायर सर्विस को सूचना दी। नरसिंदी फायर सर्विस की एक टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
स्थानीय समुदाय में आक्रोश
इस जघन्य हत्याकांड के बाद स्थानीय हिन्दू समुदायों में भारी आक्रोश है। मानवाधिकार संगठनों और हिन्दू समूहों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। चंचल भौमिक की इस तरह हत्या किए जाने से अल्पसंख्यक परिवारों में असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है। स्थानीय प्रशासन पर आरोप लग रहे हैं कि वे अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहे हैं।
मीडिया खबरों के अनुसार हमलावरों ने चंचल भौमिक को निशाना बनाते हुए उन्हें जबरन गैरेज के भीतर धकेला और बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद गैरेज में आग लगा दी गई। चंचल को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला और उन्होंने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। यह घटना बांग्लादेश में हिन्दुओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। Edited by : Sudhir Sharma