Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 (16:51 IST)
Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 (16:55 IST)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। एक तरफ ईरान के साथ युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, वहीं दूसरी तरफ उनके अपने सबसे भरोसेमंद 'मागा' (MAGA) समर्थक और यूरोपीय सहयोगी उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं। 'अमेरिका फर्स्ट' का नारा देने वाले ट्रंप पर अब 'इजराइल फर्स्ट' की नीति अपनाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
'मागा' आंदोलन में दरार: अपनों ने ही उठाए सवाल
डोनाल्ड ट्रंप का 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' आंदोलन अब गंभीर आंतरिक कलह का शिकार है। जो समर्थक ट्रंप को एक शांतिदूत के रूप में देख रहे थे, वे अब ईरान युद्ध को लेकर बगावत पर उतार आए हैं।
टकर कार्लसन, मेगन केली और मार्जोरी टेलर ग्रीन जैसे प्रभावशाली चेहरों ने ट्रंप की खुलकर आलोचना की है। उनका मानना है कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को उस 'अंतहीन युद्ध' (Endless War) में धकेल दिया है, जिसे खत्म करने का उन्होंने वादा किया था। मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कड़े शब्दों में कहा: मागा का मतलब 'अमेरिका फर्स्ट' होना चाहिए था, न कि 'इजरायल फर्स्ट'।
ताजा पोल्स बताते हैं कि युवा रिपब्लिकन इस युद्ध के सख्त खिलाफ हैं। 11 अरब डॉलर से ज्यादा का खर्च और आसमान छूते तेल के दामों ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है।
नाटो और यूरोप ने फेरा मुंह : यह हमारा युद्ध नहीं है
ट्रंप ने हाल ही में नाटो सहयोगियों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी खत्म करने के लिए सैन्य मदद मांगी थी। ट्रंप ने इसे एक "छोटा प्रयास" बताया और चेतावनी दी कि मदद न करने वाले देशों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
लेकिन यूरोप की प्रतिक्रिया ठंडी रही है:
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जर्मनी : रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने साफ कहा कि यह हमारा युद्ध नहीं है, हमने इसे शुरू नहीं किया है।
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फ्रांस : फ्रांसीसी नौसेना ने पूर्वी भूमध्य सागर से आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।
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ब्रिटेन : प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घोषणा की है कि ब्रिटेन को इस व्यापक युद्ध में नहीं घसीटा जाएगा।
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इटली : प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पष्ट किया है कि इटली इस युद्ध का हिस्सा नहीं है और न ही इसमें शामिल होने का कोई इरादा रखता है। उन्होंने मिनाब में स्कूली लड़कियों की मौत की भी निंदा की थी।
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स्पेन : प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज अमेरिका को अपने रोटा (Rota) और मोरन (Morón) सैन्य अड्डों का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए करने से साफ इनकार कर दिया। स्पेन ने कहा कि वह किसी भी ऐसी कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के दायरे से बाहर हो।
यूरोपीय नेताओं को 2003 के इराक युद्ध की याद आ रही है, जिसे वे एक महंगी और ऐतिहासिक गलती मानते हैं।
चीन के साथ बिगड़े रिश्ते : शिखर सम्मेलन पर संकट
ईरान युद्ध का असर अब अमेरिका-चीन संबंधों पर भी पड़ रहा है। ट्रंप ने चीन से खाड़ी में युद्धपोत भेजने की मांग की थी और धमकी दी थी कि ऐसा न होने पर वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली अपनी बैठक रद्द कर देंगे।
चीन ने ट्रंप के इस प्रस्ताव पर कोई खास उत्साह नहीं दिखाया है और केवल सैन्य अभियान तुरंत रोकने की अपील की है। इसके परिणामस्वरूप, इस महीने के अंत में होने वाली बीजिंग यात्रा अब टलने की कगार पर है, जिससे वैश्विक अस्थिरता और बढ़ सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तबाह करने का दावा तो किया है, लेकिन कूटनीतिक मोर्चे पर वह अलग-थलग पड़ते दिख रहे हैं। यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था बल्कि ट्रंप की घरेलू राजनीतिक पकड़ भी ढीली हो सकती है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 (16:51 IST)
Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 (16:55 IST)