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donald trump का 'सीक्रेट प्लान' आया सामने, तेल कीमतें बढ़ने से कैसे लाभ कमाएगा अमेरिका

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doanld trump
अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा भीषण युद्ध अब 13वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'दुष्ट साम्राज्य' करार देते हुए सख्त चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हालांकि तेल की बढ़ती कीमतों से अमेरिका को आर्थिक फायदा हो रहा है, लेकिन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गईं।
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अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने इसे वैश्विक तेल बाजार के इतिहास का 'सबसे बड़ा सप्लाई व्यवधान' बताया है। स्थिति को संभालने के लिए सदस्य देशों ने अपने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है, जो अब तक की सबसे बड़ी समन्वित निकासी है। इसके बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

बताई अपनी रणनीति 

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, इसलिए जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो हम बहुत पैसा कमाते हैं। लेकिन मेरे लिए एक राष्ट्रपति के तौर पर इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण ईरान जैसे 'दुष्ट साम्राज्य' को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है, क्योंकि यह मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया को तबाह कर सकता है।

युद्ध जब चाहे तब खत्म कर सकता हूं 

ट्रंप ने समाचार वेबसाइट 'एक्सियोस' (Axios) से बातचीत में दावा किया कि ईरान के साथ जारी युद्ध बहुत जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन ने कांग्रेस को सूचित किया है कि युद्ध के पहले ही हफ्ते में अमेरिका कम से कम 11.3 अरब डॉलर (लगभग 95,000 करोड़ रुपए) खर्च कर चुका है।  यह आंकड़ा केवल शुरुआती सैन्य अभियान का है। इसमें अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती और नौसेना के मूवमेंट का खर्च शामिल नहीं है।  Edited by : Sudhir Sharma

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