Donald Trump threatens Macron: डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल न होने को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को धमकाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि मैक्रों बोर्ड ऑफ पीस में शामिल नहीं होते तो फ्रांस की वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगा दूंगा। हालांकि फ्रांस ने ट्रंप की इस पेशकश को ठुकरा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
ट्रंप ने दुनिया भर के संघर्षों (विशेषकर गाजा युद्ध) को सुलझाने और पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय निकाय 'बोर्ड ऑफ पीस' बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके चार्टर के अनुसार, सदस्यों को इसमें शामिल होने के लिए 1 बिलियन डॉलर (करीब 8 हजार 300 करोड़ रुपए) का योगदान देना होगा। ट्रंप और मैक्रों के बीच चल रहा यह विवाद वैश्विक कूटनीति का सबसे गरमागरम मुद्दा बन गया है।
ट्रंप ने उड़ाया मैक्रों का मजाक
ट्रंप ने सीधे तौर पर मैक्रों को डराते हुए कहा कि मैं उनकी वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगा दूंगा। इससे मैक्रों बोर्ड में शामिल हो जाएंगे, हालांकि उनका शामिल होना जरूरी भी नहीं है। ट्रंप ने मैक्रों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वैसे भी उन्हें कोई नहीं चाहता क्योंकि वह बहुत जल्द पद से हटने वाले हैं। ट्रंप ने मैक्रों द्वारा भेजा गया एक निजी संदेश भी सार्वजनिक कर दिया, जिसमें मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के कदमों पर हैरानी जताई थी और यूक्रेन विवाद सुलझाने के लिए पेरिस में डिनर का न्योता दिया था।
क्या कहना है फ्रांस का?
मैक्रों के करीबी सूत्रों ने कहा कि विदेशी नीति को प्रभावित करने के लिए टैरिफ की धमकी देना न तो स्वीकार्य है और न ही प्रभावी। फ्रांस ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगा।
दरअसल, अमेरिका फ्रांसीसी वाइन और स्पिरिट्स के लिए सबसे बड़ा बाजार है। 200 फीसदी टैरिफ का मतलब है कि अमेरिका में फ्रांसीसी शराब का कारोबार पूरी तरह ठप हो सकता है। दूसरी ओर, फ्रांस ने यूरोपीय संघ से अपील की है कि वह अपने 'एंटी-कोअर्सन' नियमों को सक्रिय करे, जिससे पूरा यूरोप मिलकर अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगा सके।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala