खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में बढ़ती सैन्य हलचल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह खत्म करे और दूसरा देश के भीतर विरोध प्रदर्शन कर रहे नागरिकों की हत्या बंद करे।
मीडिया खबरों के मुताबिक अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपने 'अत्यंत शक्तिशाली युद्धपोत' तैनात कर दिए हैं। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका की इन धमकियों के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया है। मीडिया खबरों के अनुसार दोनों देशों के बीच युद्ध कब शुरू हो जाए, यह कहा नहीं जा सकता। एक ओर तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तेहरान को लगातार धमकियां दूसरी ओर अमेरिका अपनी सैन्य तैयारियों को मध्य पूर्व में और मजबूत करने में लगा हुआ है।
अमेरिका को ईरान की दो टूक
ईरान का कहना है कि उनके नागरिकों की सुरक्षा उनका संप्रभु अधिकार है और इसमें किसी बाहरी दखल की कोई गुंजाइश नहीं है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अपनी रक्षा प्रणाली और मिसाइल क्षमताओं को लेकर कोई समझौता या बातचीत नहीं करेंगे।
तुर्की की मध्यस्थता की पेशकश
इस बीच, तुर्की जैसे देश तनाव कम करने और सैन्य टकराव को टालने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि स्थिति तब और जटिल हो गई जब यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। इस कदम ने ईरानी शासन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक अलग-थलग कर दिया है। Edited by : Sudhir Sharma