Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Strait of Hormuz को लेकर Donald Trump का वॉ‍रशिप प्लान कैसे हुआ फेल, 7 देशों ने क्यों नहीं दिया साथ, भारत ने क्या दिया जवाब

Advertiesment
warship
दुनिया में शांति कराने का दावा करने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का वॉरशिप प्लान फेल हो गया। ट्रंप  Strait of Hormuz को लेकर बड़ा खेल करने वाले थे। उन्होंने यह सुझाव दिया था कि अन्य देश भी अमेरिकी नौसेना के साथ अपने युद्धपोत भेजकर होर्मुज जलडमरूमध्य को 'खुला और सुरक्षित' बनाए रखें, लेकिन उनके सुझाव पर किसी देश ने कोई प्रति‍बद्धता नहीं जताई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघारची ने कहा था कि कई देशों ने अपने जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए हमसे संपर्क किया है, लेकिन अंतिम फैसला हमारी सेना करेगी। भारत ने होर्मुज के पास 2 युद्धपोत तैनात किए।तेल-गैस से भरे भारतीय जहाजों को सुरक्षा देंगे। 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब 7 देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में युद्धपोत भेजने की अपील की थी। इधर ईरान की सेना ने अमेरिकी और इजराइली हमलों के जवाब में इस अहम समुद्री मार्ग को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर रखा है। अमेरिका के सहयोगी देशों ने या तो सतर्क रुख अपनाया या सीधे तौर पर मना कर दिया। जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश जो अमेरिका के काफी करीबी सहयोगी हैं। उन्होंने भी ट्रंप को झटका देते हुए होर्मुज में अपनी नौसेना भेजने से इनकार कर दिया है। ऐसे में होर्मुज को माना जा रहा है कि ईरान होर्मुज को बंद रखने में कामयाब हो रहा है। इसका असर दुनिया के देशों पर हुआ। 
 
माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव डालना और वॉशिंगटन पर रणनीतिक दबाव बनाना है, क्योंकि ऊर्जा कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि भारत के लिए यह अच्छी खबर रही कि एलपीजी से लदा जहाज गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर डाक हुआ। 
 

हमले के बाद कच्चे तेल को लेकर दुनियाभर में हाहाकार 

अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध के कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश, जो इस कृत्रिम बाधा से प्रभावित हैं, वे अपने जहाज उस क्षेत्र में भेजेंगे ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य अब किसी ऐसे देश से खतरा न बने जिसे पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने ट्रंप से बातचीत में वैश्विक शिपिंग में आई रुकावट खत्म करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने इस मुद्दे पर कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney से भी अलग से चर्चा की।

क्या कहा भारत ने

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम जानते हैं कि इस मामले में कई देशों से बातचीत हो रही है। हालांकि इस बारे में द्विपक्षीय स्तर पर कोई बातचीत नहीं हुई है। जायसवाल ने कहा कि भारत इस मामले पर कई हितधारकों के साथ अपनी बातचीत जारी रखेगा।   

चीन ने क्या कहा

अमेरिका में चीन दूतावास के प्रवक्ता Liu Pengyu ने कहा कि“सभी पक्षों की जिम्मेदारी है कि ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और बिना रुकावट के बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि तनाव कम करने के लिए चीन संबंधित देशों से संवाद बढ़ाएगा।तेहरान का कहना है कि Strait of Hormuz, जहां से सामान्य तौर पर दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल निर्यात गुजरता है, सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए नहीं। Edited by : Sudhir Sharma 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

MP में हर विधानसभा में होंगे कृषि सम्मेलन, किसानों के लिए CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा प्लान