Publish Date: Sun, 08 Feb 2026 (11:52 IST)
Updated Date: Sun, 08 Feb 2026 (11:55 IST)
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने फिलहाल अपने मंगल मिशन (Mars Mission) की योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने अब अपनी प्राथमिकताएं बदलते हुए चंद्रमा पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। स्पेसएक्स का ताजा लक्ष्य मार्च 2027 तक चंद्रमा पर एक मानवरहित (Uncrewed) लैंडिंग करना है।
इससे पहले एलन मस्क ने 2026 के अंत तक मंगल पर मानवरहित मिशन भेजने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब इसमें देरी होना तय माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह रणनीतिक बदलाव 'स्टारशिप' (Starship) रॉकेट के विकास पर अधिक ध्यान देने के लिए किया गया है।
क्यों चंद्रमा पर टिकी हैं मस्क की नजरें?
स्टारशिप एक विशाल, स्टेनलेस-स्टील से बना अंतरिक्ष यान है, जिसे पूरी तरह से पुन: प्रयोज्य (Reusable) बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह इंसानों और भारी सामान को चंद्रमा और मंगल तक ले जाने में सक्षम होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, मंगल के बजाय पहले चंद्रमा को चुनना एक व्यावहारिक कदम है चंद्रमा पृथ्वी के करीब है, जिससे वहां संचार लगभग तुरंत होता है। मंगल की तुलना में चंद्र मिशन को संभालना और वहां की चुनौतियों से निपटना अधिक आसान है। यह स्पेसएक्स को मंगल जैसे कठिन मिशन से पहले एक सुरक्षित वातावरण में प्रयोग करने का मौका देगा।
बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नया 'एआई' गठबंधन
चंद्रमा पर जाने की दौड़ में अमेरिका अकेला नहीं है। चीन भी इसी दशक में इंसानों को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रहा है। 1972 के 'अपोलो 17' मिशन के बाद से अब तक कोई भी इंसान चंद्रमा पर नहीं पहुंचा है। माना जा रहा है कि वैश्विक कूटनीतिक दबाव और अंतरिक्ष की होड़ ने भी स्पेसएक्स के इस फैसले को प्रभावित किया है।
इसके अलावा, एलन मस्क अंतरिक्ष विज्ञान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ जोड़ने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेसएक्स ने xAI का अधिग्रहण किया है। इस सौदे के बाद स्पेसएक्स का मूल्यांकन 1 ट्रिलियन डॉलर (एक लाख करोड़ डॉलर) और एआई कंपनी का 250 बिलियन डॉलर का हो गया है। हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि एआई चंद्रमा या मंगल मिशन में कैसे मदद करेगा, लेकिन इसकी संभावनाएं अपार हैं।
क्या मंगल का सपना खत्म हो गया है?
नहीं, मंगल मिशन पूरी तरह रद्द नहीं हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि मस्क का मंगल पर जाने का सपना अब भी जिंदा है, बस इसकी समयसीमा आगे बढ़ गई है। निवेशक और इंजीनियर दोनों ही इस बात से सहमत हैं कि जब तक 'स्टारशिप' पूरी तरह तैयार न हो जाए, तब तक इंतजार करना ही बुद्धिमानी है। Edited by : Sudhir Sharma