Xi Jinping removes Zhang Youxia: चीन में शी जिनपिंग ने अपने सबसे वरिष्ठ जनरल झांग यूक्सिया को हटा दिया है। क्या यह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई है या सेना में तख्तापलट का डर? पढ़ें विस्तृत विश्लेषण।
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के भीतर इस समय एक ऐसा तूफान उठा है, जिसने पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक विशेषज्ञों को चौंका दिया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सबसे पुराने सहयोगी और देश के सर्वोच्च रैंकिंग वाले सैन्य अधिकारी, जनरल झांग यूक्सिया (Zhang Youxia) को उनके पद से हटा दिया है।
मुख्य बिंदु : क्या हुआ और कौन हटा?
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हटाए गए अधिकारी : जनरल झांग यूक्सिया (CMC वाइस-चेयरमैन) और जनरल लियू झेनली (चीफ ऑफ ज्वाइंट स्टाफ)।
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आरोप : "अनुशासन और कानून का गंभीर उल्लंघन" (चीनी राजनीति में यह अक्सर भ्रष्टाचार या राजनीतिक वफादारी में कमी का कोड वर्ड होता है)।
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वर्तमान स्थिति : 7 सदस्यीय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) अब केवल दो सदस्यों तक सिमट गया है—शी जिनपिंग और जनरल झांग शेंगमिन।
1. जनरल झांग यूक्सिया का कद और शी से उनका रिश्ता
75 वर्षीय झांग यूक्सिया कोई साधारण जनरल नहीं थे। वे चीनी सेना के उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल थे जिन्हें युद्ध का वास्तविक अनुभव (1979 वियतनाम युद्ध) प्राप्त था।
प्रिंसलिंग कनेक्शन: झांग और शी जिनपिंग दोनों के पिता क्रांतिकारी साथी थे। उन्हें शी का 'बचपन का दोस्त' और सबसे वफादार रक्षक माना जाता था।
शक्ति का केंद्र: वे CMC के पहले उपाध्यक्ष थे, जिसका अर्थ है कि सेना में शी के बाद वे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति थे।
2. भ्रष्टाचार या तख्तापलट की साजिश?
आधिकारिक तौर पर इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ 'सफाई अभियान' कहा जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे गहरे कारण हो सकते हैं:
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परमाणु रहस्यों का लीक होना : कुछ रिपोर्टों (जैसे WSJ) के अनुसार, झांग पर अमेरिका को चीन के परमाणु रहस्यों की जानकारी लीक करने का संदेह है।
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बगावत का डर : एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के अनुसार, चीन के कुलीन वर्गों में सत्ता संघर्ष चरम पर है। बीजिंग में गोलीबारी और तख्तापलट की कोशिशों की अफवाहें भी उड़ी हैं।
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पावर पॉलिटिक्स : शी जिनपिंग अपनी सत्ता को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए किसी भी ऐसे व्यक्ति को हटा रहे हैं जो भविष्य में चुनौती बन सकता है।
3. ताइवान और युद्ध क्षमता पर क्या होगा असर?
इस 'सफाई अभियान' ने पीएलए (PLA) के भीतर एक नेतृत्व शून्य (Leadership Vacuum) पैदा कर दिया है।
अनुभव की कमी : झांग के जाने के बाद, चीन की शीर्ष कमान में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं बचा है जिसके पास युद्ध का व्यावहारिक अनुभव हो।
निर्णय लेने में देरी : सेना में डर और अविश्वास का माहौल कमांडरों को जोखिम लेने से रोकेगा। ताइवान पर हमला करने की महत्वाकांक्षा अब पूरी तरह से शी जिनपिंग की 'व्यक्तिगत सनक' पर निर्भर हो गई है।
अस्थिरता: सेना के भीतर इस तरह की उथल-पुथल चीन की क्षेत्रीय आक्रामकता को कम कर सकती है या उसे और अधिक अप्रत्याशित बना सकती है।
शी जिनपिंग ने 'चाकू को अंदर की तरफ मोड़ने' (Turn the knife inward) की जो नीति अपनाई है, वह उनकी असुरक्षा को दर्शाती है। यदि उनके सबसे करीबी दोस्त और अनुभवी जनरल सुरक्षित नहीं हैं, तो पीएलए का कोई भी अधिकारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा। यह डर सेना को वफादार तो बना सकता है, लेकिन यह युद्ध के समय एक बड़ी कमजोरी साबित हो सकता है।