Publish Date: Fri, 27 Feb 2026 (17:25 IST)
Updated Date: Fri, 27 Feb 2026 (18:32 IST)
दक्षिण एशिया से इस समय की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर पड़ोसी देश अफगानिस्तान के खिलाफ 'खुली जंग' (Open War) का ऐलान कर दिया है। यह कदम तालिबान प्रशासन के उस दावे के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि अफगान बलों ने सीमा पार एक हमले के दौरान कई पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और कुछ को बंदी बना लिया है। तालिबान और पाकिस्तान के बीच सीमा (डूरंड लाइन) पर पिछले काफी समय से तनाव बना हुआ था।
पाकिस्तान ने तालिबान के दावों को आंशिक रूप से नकारा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के अनुसार, कुछ छोटे ड्रोनों ने घुसपैठ की कोशिश की थी जिन्हें एंटी-ड्रोन सिस्टम से मार गिराया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
जवाब में पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन गजब लिल हक' (Operation Ghazab lil-Haq) शुरू किया है।
ताजा विवाद तब भड़का जब तालिबान प्रशासन ने दावा किया कि उनके सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ को नाकाम किया और उनके सैनिकों को हताहत किया। पाकिस्तान इस घटना को अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया के जरिए इस युद्ध की घोषणा की।
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के सब्र का बांध अब टूट चुका है। पाकिस्तान के धैर्य की अब सीमा समाप्त हो गई है। अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह एक खुली जंग है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध की स्थिति पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता को हिला सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान और तालिबान शासित अफगानिस्तान के बीच सीधा संघर्ष विनाशकारी साबित हो सकता है। बड़ी संख्या में शरणार्थियों का पलायन हो सकता है, जिससे पूरे दक्षिण एशिया में अस्थिरता आ सकती है। भारत को मानवीय सहायता (अनाज, दवाएं) भेजने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
भारत पर क्या होगा असर
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच छिड़ी यह 'खुली जंग' भारत के लिए सामरिक, सुरक्षा और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा तो इस अस्थिरता का फायदा उठाकर आतंकवादी समूह (जैसे IS-K या अन्य) क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय हो सकते हैं। हालांकि पाकिस्तान का ध्यान अपनी पश्चिमी सीमा पर रहेगा, लेकिन सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और कश्मीर में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशें बढ़ सकती हैं। भारत ने पहले भी अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन किया है।
हाल ही में भारत ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा की थी। भारत इस युद्ध में तालिबान का साथ देकर पाकिस्तान को घेरने की रणनीति अपना सकता है, जिससे पाकिस्तान की स्ट्रेटेजिक डेप्थ की नीति पूरी तरह फेल हो जाएगी। भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाला व्यापार (खासकर सूखे मेवे, हींग और फल) प्रभावित हो सकता है। अगर वाघा बॉर्डर या ट्रांजिट रूट बंद होते हैं तो भारत में बादाम, पिस्ता और हींग जैसी चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं। Edited by : Sudhir Sharma