Festival Posters

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

क्या अकेले पड़ गए हैं डोनाल्ड ट्रंप, काम नहीं आई पाकिस्तान की चापलूसी, PM मोदी की चुप्पी बड़बोलेपन पर पड़ी भारी

Advertiesment
हमें फॉलो करें Donald Trump

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

नई दिल्ली , बुधवार, 21 जनवरी 2026 (19:21 IST)
पूरी दुनिया इस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'टैरिफ युद्ध' और उनकी बेबाक कूटनीति से थर्रा रही है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान शांत और सामान्य नेता जैसे व्यहार करने वाले ट्रंप दूसरे कार्यकाल में आक्रामक नजर आए।  जहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और नाटो चीफ मार्क रुट जैसे दिग्गज नेता ट्रंप के गुस्से का शिकार हो रहे हैं, वहीं भारत ने अपनी 'रणनीतिक चुप्पी' से खुद को सुरक्षित रखा है। डोनाल्ड ट्रंप के अंदाज और फैसले लेने की आदत को देखते हुए कोई भी यह नहीं बता सकता है कि उनका अगला कदम क्या होगा और वे आगे किसको कब निशाना बनाएंगे। 
webdunia

बेबाक फैसले और अहंकारी बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने गत एक वर्ष में दुनिया के कई देशों पर मनमाना टैरिफ लगाया। वेनेजुएला पर हमला किया और वहां के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया, पनामा कैनाल को वापस लेना, कनाडा को 51वां राज्य बनाने को कहना ये कुछ ऐसे फैसले और इच्छाएं हैं। इसके कोई तार्किक अर्थ तो नहीं समझ आते, बल्कि एक निजी महत्वकांशा और अहंकार जरूर देखने को मिलता है।

पाकिस्तान की चापलूसी भी नहीं आई काम 

पाकिस्तान ने ट्रंप को खुश करने के लिए अत्यधिक प्रशंसा और 'क्रिप्टोकरेंसी डील' जैसे दांव चले, लेकिन अंततः उसे वीजा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। यह दर्शाता है कि ट्रंप के साथ कूटनीति में 'चापलूसी' नहीं बल्कि 'मजबूत स्थिति' काम आती है।

क्या PM मोदी के चक्रव्यूह में फंस गए हैं ट्रंप 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की समझदारी यहीं पर काम आई। अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील पर चर्चा अभी भी चल रही है और मोदी ने ट्रंप के तमाम बयानबाजी के बीच भी रणनीतिक चुप्पी साधे रखी है और भारत की ओर से बहुत ही सधे हुए कूटनीतिक कदम उठाने की कोशिशें होती रही हैं। एक बार कनाडा से लौटते वक्त ट्रंप ने पीएम मोदी को वाशिंगटन आने का बुलावा भी दिया, तो भी पीएम मोदी ने बड़े ही सम्मानित तरीके से उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया और देशहित में जो भी मुमकिन था, कदम बढ़ाते रहे। ट्रंप के बेकाबू मंसूबे की भनक प्रधानमंत्री को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ही लग गई थी। जब उन्होंने बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना बनकर सीजफायर कराने का दावा किया।  Edited by : Sudhir Sharma

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

उत्तर प्रदेश लिख रहा विकास की नई गाथा, CM योगी के नेतृत्व में देश के लिए बना मॉडल स्टेट