Publish Date: Sat, 07 Mar 2026 (13:21 IST)
Updated Date: Sat, 07 Mar 2026 (13:33 IST)
पाकिस्तान कब्जे वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान में हालात खराब हो गए हैं। यहां शिया मुसलमानों पर जमकर गोलियां बरसाई गई, जिसमें 38 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दरअसल, स्कार्दू में जो विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, वह देखते ही देखते भीषण हिंसा में बदल गया। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। इसके बाद यहां हिंसा फैल गई। इस गोलीबारी में 38 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
इस दौरान सरकारी इमारतों में आग लगा दी गई। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हालात इतने बिगड़ गए कि प्रशासन को कई इलाकों में कर्फ्यू लगाना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर गिलगिट-बाल्टिस्तान में लंबे समय से चल रहे असंतोष और राजनीतिक तनाव को उजागर कर दिया है।
क्यों और कैसे हुई घटना : स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान के सबसे बड़े शहर स्कार्दू में पहली मार्च को विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में बाल्टी-शिया समुदाय के लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद हालात बिगड़ गए।
38 शिया मुसलमानों की मौत : दावा किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना और अर्द्धसैन्य बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलीबारी की। इस गोलीबारी में बाल्टी-शिया समुदाय के कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। शुरुआती खबरों में 13 लोगों की मौत की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में कई घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंच गई।
सरकारी इमारतों को निशाना बनाया : इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में गुस्सा भड़क उठा। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सरकारी इमारतों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। कई स्थानों पर तोड़फोड़ हुई और कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। इससे स्कार्दू और आसपास के इलाकों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए।
Edited By: Naveen R Rangiyal
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Sat, 07 Mar 2026 (13:21 IST)
Updated Date: Sat, 07 Mar 2026 (13:33 IST)